मथुरा-वृन्दावन को धार्मिक हब के रूप में विकास - केशव प्रसाद मौर्य

- जरूरी सड़कों का निर्माण प्राथमिकता के आधार

- समय सीमा एवं गुणवत्ता पर विशेष ध्यान

- परिक्रमा मार्ग की दो लेन मार्ग के निर्माण पर, खर्च ₹13600 लाख

- चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग 5.50 मीटर चौड़ाई खर्च ₹22323.39 लाख

लखनऊ. प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आज निकुंजवन , वृन्दावन, मथुरा में अधिकारियों की बैठक लेते हुए निर्देश दिये कि जरूरी सड़कों का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर करें। समय सीमा एवं गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें। प्रदेश सरकार मथुरा-वृन्दावन को धार्मिक हब के रूप में विकास करना चाहती है। इसलिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से विकास की ओर अग्रसर हो।

प्रस्तावित कार्य और उसकी लागत -

@ यमुना एक्सप्रेस से वृन्दावन तक (पागल बाबा मन्दिर) फोरलेन का निर्माण हेतु ₹25060.63

@ जनपद मथुरा में गोवर्धन परिक्रमा मार्ग के चारो ओर 10 मीटर चौड़ाई में सर्विस रोड़ के निर्माण हेतु ₹15473.02,

@ फरह रजवाह की पटरी को कोसीखुर्द तक मार्ग का नवनिर्माण कार्य हेतु ₹783.87 लाख

@ फरह-सौंख मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के कार्य हेतु ₹6519.86 लाख

@ भूतेश्वर तिराहे से गोवर्धन चैराहे तक मार्ग पर इंटरलाॅकिंग टाइल्स का कार्य ₹114.00 लाख

@ नन्दगांव कामां मार्ग से संचैली मार्ग तक चौड़ीकरण का कार्य ₹300.00 लाख

@ कोसी से कामर मार्ग तक नवनिर्माण कार्य हेतु ₹717.00 लाख

@ छटीकरा राल राधाकुण्ड मार्ग हेतु ₹2000.00 लाख

@ फतिहा हथावली वाया बेरी ओल मार्ग पर सुदृढ़ीकरण का कार्य ₹600.00 लाख

के कार्यों को भी प्रस्तावित किया गया।

यमुना एक्सप्रेस वे...

इसी प्रकार उप मुख्यमंत्री के समक्ष यमुना एक्सप्रेस वे, मांट कट से बेलवन होते हुए जुगलघाट से वृन्दावन परिमार्ग का दो लेन मार्ग का निर्माण कार्य हेतु ₹13600.00 लाख की अनुमानित योजना उप मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की गई। इस योजना के अन्तर्गत यमुना एक्सप्रेस वे के मांट कट से प्रारम्भ होकर मथुरा-वृन्दावन, मांट एवं नौहझील मार्ग के किमी 17 होते हुए बेलवन लक्ष्मी के मन्दिर से जुगलघाट से वृन्दावन परिक्रमा मार्ग प्रस्तावित किया गया। जिसकी कुल लम्बाई 14.035 किमी0 है। इसके साथ ही उप मुख्यमन्त्री के समक्ष अनेक विकास कार्यों की कार्ययोजना प्रस्तुत की गई। जिस पर उन्होंने अपनी सहमति दी। इस अवसर पर सचिव लोक निर्माण विभाग समीर वर्मा, उपाध्यक्ष तीर्थ विकास परिषद शैलजा कान्त मिश्र, जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र, मुख्य विकास अधिकारी रामनेवास, उपाध्यक्ष मथुरा-वृन्दावन विकास प्राधिकरण नगेन्द्र प्रताप, लोक निर्माण, जलनिगम, नगर निगम, सिंचाई सहित अन्य विभागों के संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे।

Narendra Awasthi
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Web Title: Development of Mathura-Vrindavan as a religious hub - Keshav Prasad Maurya
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