पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने माना, पानी नहीं पीने लायक

By: Rajender pal nikka

Published On:
Jun, 15 2019 05:25 PM IST

  • श्रीगंगानगर।

-राजस्थान और पंजाब के संगठनों ने सुनाई खरी-खरी

-श्रीगंगानगर में प्रदर्शन और पटियाला में धरने का निर्णय

पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने माना है कि राजस्थान में जाने वाला पानी डी ग्रेड का है, यह पूरी तरह ट्रीट किए बिना पीने-नहाने लायक नहीं है। बोर्ड के सदस्य सचिव करूणेश गर्ग ने शुक्रवार को पटियाला में बोर्ड कार्यालय में श्रीगंगानगर ‘दूषित जल-असुरक्षित कल’ जन जागरण अभियान समिति के शिष्टमंडल के समक्ष स्वीकारा कि पानी की गुणवत्ता के लिहाज से कई श्रेणियां हैं, राजस्थान जाने वाला पानी पंजाब में डी ग्रेड का हो जाता है।

समिति के संयोजक महेश पेड़ीवाल, सह संयोजक रमजान अली चोपदार एवं सुरेंद्र पारीक ने बोर्ड के अध्यक्ष प्रो. एसएस मरवाहा को ज्ञापन भी दिया। पंजाब के कोटकपूरा के विधायक कुल्तार सिंह संधवा, सामाजिक संस्था निरोआ के प्रदेशाध्यक्ष गुरप्रीत सिंह चंदबाजा सहित अनेक जने इसमें शामिल थे। इन लोगों ने बोर्ड की लापरवाही को गम्भीर बताते हुए आड़े हाथों लिया, खरी-खरी सुनाई। लगभग डेढ़ घंटे चली बातचीत में कई मौके ऐसे आए, जब गर्मागर्मी भी हुई।

पेड़ीवाल ने बताया कि 22 जुलाई को पटियाला में प्रदूषण बोर्ड कार्यालय के समक्ष राजस्थान एवं पंजाब के जागरूक लोग धरना देंगे, इससे पूर्व 15 जुलाई को श्रीगंगानगर के पब्लिक पार्क में सभा के बाद जिला कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया जाएगा। जसकीरत सिंह, बलतेज सिंह पन्नू, डॉ. अमरसिंह आजाद, करनैल सिंह जखेपल, उमेंद्र दत्त, प्रो. भीम इन्द्र सिंह आदि अध्यक्ष से बातचीत के समय मौजूद थे। बैठक के बाद दोनों राज्यों के इन जागरूक लोगों ने आगामी रणनीति बाबत विचार-विमर्श किया।

ताजमहल मामले में तो हुई कार्यवाही: समिति के सह संयोजक रमजान अली ने कहा कि ताजमहल के मामले में तो सरकार ने कार्यवाही की और प्रदूषित पानी की रोकथाम के लिए ठोस उपाय नहीं किया। राजस्थान के आठ जिलों के करोड़ों लोग जहरीली पानी से बीमार हो रहे हैं लेकिन पंजाब सरकार परवाह नहीं कर रही। सुरेंद्र पारीक का कहना था कि इस मामले में सर्वाधिक दोषी पंजाब सरकार है, उसकी आंख के सामने सब कुछ हो रहा है। उसे संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत ठोस कदम उठाने चाहिए।

-सख्ती का असर नजर आएगा
बोर्ड के अध्यक्ष प्रो. मरवाहा ने कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने सख्ती की है। उसने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों की बैठक लेकर 31 मार्च, 2021 तक प्लांट आदि लगाने का जरूरी काम पूरा करने को कहा है। पंजाब में 216 एसटीपी लगने चाहिए लेकिन लगे हैं सिर्फ 92-93, इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी। उन्होंने बातचीत में कहा कि प्रदूषण फैलाने वालों पर सख्ती की जा रही है, इसके परिणाम शीघ्र देखने को मिलेंगे।

-श्रीगंगानगर में आज प्रभारी मंत्री को ज्ञापन
‘दूषित जल-असुरक्षित कल’ जन जागरण अभियान समिति की ओर से शनिवार सुबह 10.30 बजे जिला कलक्ट्रेट में जिले के प्रभारी मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा को ज्ञापन दिया जाएगा। समिति ने श्रीकरणपुर, केसरीसिंहपुर, पदमपुर के अलावा क्षेत्र की बड़ी मंडियों एवं गांवों में भी जन जागृति अभियान शुरू करने का निर्णय किया है। समिति के पदाधिकारी वहां पहुंच कर लोगों से 15 जुलाई के प्रदर्शन में अधिकाधिक संख्या में श्रीगंगानगर आने का आह्वान करें।

.............इनका कहना हैं
‘अपने और अपनों को बचाने के लिए जी जान से कोशिश की जा रही है। अमृत समान जल में जहर मिलाना गम्भीर अपराध है। इस दिशा में शीघ्र ठोस कार्यवाही होनी चाहिए साथ ही शुद्ध जल मिलना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। सभी मिलकर आंदोलन को सफल बनाएंगे।...................महेश पेड़ीवाल, संयोजक ‘दूषित जल-असुरक्षित कल’ जन जागरण अभियान समिति।

‘कुदरत और मानवता के प्रति जघन्य अपराध किया जा रहा है। पंजाब में कैसे जल में जहर मिलाया जा सकता है, खुद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने माना है कि राजस्थान जाने वाला पानी पीने लायक नहीं है, तबाही को बिना देरी किए रोकना चाहिए’................................कुल्तार सिंह, संधवा विधायक, कोटकपूरा।

‘जान है तो जहान है, इसकी तरफ पूरा ध्यान नहीं दिया जा रहा। जीवन में जल सबसे जरूरी है और इससे बीमारियां बढ़ रही हैं। इस चिंताजनक स्थिति पर सभी की जागरुकता आवश्यक है। राजस्थान भी बहुत पीडि़त है। समाधान के लिए मिलकर मुहिम चलाई जा रही है, जरूर जीत होगी’ ....................गुरप्रीत सिंह चंदबाजा, प्रदेशाध्यक्ष निरोआ, पंजाब।

Published On:
Jun, 15 2019 05:25 PM IST

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।