काव्य गोष्ठी में कान्हा को किया याद

By: Jai Narayan Purohit

Updated On:
25 Aug 2019, 12:50:20 PM IST

  • Poet's conference : कस्बे के जनकराज पारीक साहित्य मंच के तत्वावधान में रविवार को काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया।

-जनकराज पारीक साहित्य मंच का आयोजन
श्रीकरणपुर . कस्बे के जनकराज पारीक साहित्य मंच के तत्वावधान में रविवार को काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया ( Poet's conference )। इसमें कवियों में जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में कृष्ण कन्हैया को स्मरण किया तथा उससे संबंधित कविताएं पेश की ( Sriganganagar news )। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि संरक्षक बलदेव सैन थे तथा अध्यक्षता अग्रवाल समाज के अध्यक्ष सीताराम गुप्ता ने की। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि कस्बे में काव्य गोष्ठियों के आयोजन प्रतिभाओं को आगे लाने में प्रमुख भूमिका अदा करते हैं ( Rajasthan news )।

कार्यक्रम की शुरुआत सचिव कन्हैया जगवानी ने ‘कृष्ण एक तुम ही थे जिसने कान्हा का दर्द समझा’ कविता प्रस्तुत की ( Hindi news )। प्रदीपसिंह ‘अश्क’ ने ‘बेवक्त के किस्से ’ रचना प्रस्तुत की। कला मंच के सचिव वासुदेव गर्ग ने कविता ‘कान्हा अब जाना नहीं’ सुनाई ( Srikaranpur )। महेंद्र सिंह ने ‘अभिनंदन का अभिनंदन’ देशभक्ति रचना प्रस्तुत की। जगदीश वर्मा ने ‘बूढे बाप का सपना’ रचना प्रस्तुत की। कृष्ण शर्मा ‘खबरी’ ने ‘रोते-रोते हंसना सीखो’ रचना सुनाई ।

जितेंद्र गिरधर, संदीप गुप्ता, अर्पिता, कोमल आदि ने भी रचनाएं प्रस्तुत की। मंच अध्यक्ष ललित बंसल ‘निगाह करणपुरी’ ने ‘दिखावे में भले ही जिंदगी हलाक हो जाए ’ रचना प्रस्तुत की।

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25 Aug 2019, 12:50:20 PM IST

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