हरियाणा सरकार का बड़ा ऐलान, लाल डोरा सीमा के एक किलोमीटर में बसी ढाणियों को मिलेगा मुफ्त बिजली कनैक्शन

By: Shankar Sharma

Published On:
Sep, 11 2018 11:07 PM IST

  • हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने घोषणा की कि राज्य के किसी गांव के लाल डोरे के एक किलोमीटर के दायरे के अंदर जो भी ढाणी होगी उन्हें बिना खर्च लिए बिजली का कनेक्शन दिया जाएगा।

चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने घोषणा की कि राज्य के किसी गांव के लाल डोरे के एक किलोमीटर के दायरे के अंदर जो भी ढाणी होगी उन्हें बिना खर्च लिए बिजली का कनेक्शन दिया जाएगा। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि जहां कहीं भी एक किलोमीटर के दायरे के अंदर 11 घर होंगे और जो बिजली कनैक्शन के लिए आवेदन करेंगे, वहां भी बिना खर्च लिए बिजली का कनेक्शन दिया जाएगा।

विधानसभा में मंगलवार को मुख्यमंत्री ने विधायक बलवंत सिंह व बलवान सिंह द्वारा ढाणियों में बिजली कनैक्शन दिए जाने के मुद्दे पर यह घोषणाएं की। इस मुद्दे पर कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी व इनेलो के कई विधायकों ने पूरक सवाल भी लगाए। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि बिजली कनैक्शन के संबंध में पिछली योजनाएं इसी प्रकार से चलती रहेगी लेकिन इस प्रकार से व्यवस्था करके इसे आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में पीएटी स्कीम के तहत जो अभी 3 घंटे अतिरिक्त बिजली दी जा रही है इसकी अवधि को बढ़ाया जाएगा। इसके लिए योजना भी तैयार की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने विधायकों के पूरक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि कृषि के लिए बिजली कनैक्शन देने की भी एक योजना पर विचार किया जा रहा है जिसके तहत कुछ आइसोलेटेड क्षेत्र में जहां बिजली उपलब्ध नहीं होती है, को अक्षय ऊर्जा या सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जाएगा ताकि ऐसे लोगों के लिए किसी न किसी प्रकार से बिजली की व्यवस्था हो सके। मुख्यमंत्री के माध्यम से परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने बताया कि 1353 कृषि फीडरों पर पीएटी ट्रांसफार्मर स्थापित कर ढाणियों को कृषि फीडरों से बिजली आपूर्ति की जा रही है।

चार साल में खाने के 178 सैंपल हुए फेल

चंडीगढ़। हरियाणा में लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। यहां खाद्य पदार्थों में मिलावट की घटनाएं अब सामान्य हो चुकी है। हरियाणा सरकार ने पिछले चार वर्षों के दौरान इस मामले में की गई कार्रवाई के संबंध में रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी है। विधायक जगबीर मलिक द्वारा उठाए गए सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने सदन को बताया कि प्रत्येक जिले में प्रति माह 30 खाद्य नमूने लेने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 से लेकर 2018 तक की अवधि के दौरान जिला स्तरीय टीमों द्वारा लिए गए खाद्य पदार्थों के कुल नमूनों में से 178 फेल पाए गए हैं। जिनमें 152 केसों को अदालती प्रक्रिया के लिए रैफर किया गया है। अदालतों द्वारा इस अवधि के दौरान 12 व्यक्तियों को दोष मुक्त करार दे दिया गया जबकि बीस व्यक्तियों को दोषी करार दिया गया है। विज ने सदन ने को बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वह नियमित रूप से छापेमारी करें। इस कार्य में कोताही बरतने वाले कर्मचारियों के विरूद्ध भी लगातार कार्रवाई की जा रही है। हालही में ऐसे कई कर्मचारियों को निलंबित भी किया गया है जिन्होंने जनता के स्वास्थ्य से खिलावाड़ करने वालों के विरूद्ध कार्रवाई नहीं की।

Published On:
Sep, 11 2018 11:07 PM IST