बिना अटेंडेंट के चली ट्रेनें

By: Devkumar Singodiya

Published On:
May, 19 2019 05:55 PM IST

  • मौत का मामला : प्रबंधन ने आरोपों से किया किनारा

मुंबई. ट्रेन अटैंडेंड की मौत के बाद नाराज अटैंडेंट चौथे दिन भी काम पर नहीं लौटे। उन्होंने प्रबंधन पर वेतन न देते हुए धोखाधड़ी करने का आरोप लगया। प्रबंधन ने कर्मचारियों के आरोप का खंडन करते हुए इसे कर्मचारियों की मनमानी करार दिया है। हड़तालियों ने जीआरपी और आरपीएफ में जाकर अपने साथ धोखाधडी की बात कही। 14 मई को सूरत के पास स्थित कोसंबा स्टेशन के करीब राजेश शर्मा (38) नाम के कोच अटेंडेंट की मौत हो गई। इसके बाद सभी कोच अटेंडेंट ने उसके परिवार को मुआवजा देने की मांग करते हुए हड़़ताल शुरू कर दी। राजेश शर्मा जयपुर सुपरफास्ट में कोच अटेंडेंट के रूप में कार्य कर रहे थे। अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि कोच अटेंडेंट की मौत का कारण क्या है।
सफाई कर्मी कर रहे हैं कोच अटेंडेंट का कार्य
हड़ताल के चलते वेस्टर्न रेलवे की सात ट्रेने बिना कोच अटेंडेंट के चल रही हैं। इनमें 1. जयपुर सूपरफास्ट 2.अवंतिका एक्प्रेस 3.सौराष्ट्र मेल 4. गोल्डन टेंपल मेल 5.राजकोट एक्प्रेस 6. वीरमगाम पैसेंजर 7. गुजरात मेेल बिन कोच अटेंडेंट के चल रही है। ठेकेदार अपने सफाई करने वाले कर्मचारियों से कोच अटेंडेंट का काम करवा रहे हैं।

कंपनी पर लगाए घोटाले के आरोप
हड़तालियों का कहना है कि कंपनी ने फर्जी रूप से उनका 70 लोगों का खाता खुलवाया और बिना उनकी अनुमति के उनके खाते से पैसे निकाले।
मृतक के चाचा अभिषेक मिश्रा का कहना है कि इन्होंने बैंक की मदद से हम सभी के खाते खुलवाए और बिना हमें बताए, हमारे पैसे हमारे खाते से निकाल लिए। हमने जीआरपी, आरपीएफ और वेस्टर्न रेलवे के डीआरएम को पत्र देकर अपने साथ धोखाधड़ी की सूचना दी है। हड़तालियों ने लिखित शिकायत दी है कि हमें बताया गया है कि हमारा वेतन सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में डाली गई है। जबकि हमारे पास सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में कोई खाता ही नहीं है। ये लोग झूठ बोल रहे हैं कि हम सिर्फ 40 लोग हैं। हम कुल 70 लोग हैं।

हमने नहीं की कोई धोखाधड़ी
इस बारे में ठेकेदार कंपनी के मैनेजर अजय सिंह का कहना है कि जिस व्यक्ति की मौत हुई है, हम उसके लिए जितना संभव होगा करने का प्रयास करेंगे। हम अपने लोगों को ट्रेन में कार्य पर लौटने की बात कर रहे हैं। कंपनी उनकी हर समस्या पर बात करने को तैयार है। बाकी बैंक से पैसे निकालने का मामला है, वह पूरी तरह से निराधार है। 70 लोगों वाला मामला भी झूठा है। ये कुल 40 लोग हैं, जो गड़बडी की बात कर रहे हैं। अगर ऐसा है तो इस मामले की जांच की जानी चाहिए, जिसके बाद सब कुछ सामने आ जाएगा।

Published On:
May, 19 2019 05:55 PM IST

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