रियल एस्टेट बाजार की नहीं सुधरेगी हालत !

By: Ramdinesh Yadav

Updated On:
27 Jul 2019, 07:40:43 PM IST

    • रियल एस्टेट बाजार की सुधरेगी हालत !
    • घर खरीदने से जायदा लोग कमर्शियल सेगमेंट में कर रहे हैं निवेश
    • फिक्की वेस्टियनसंस्था के सर्वे रिपोर्ट में हुआ खुलासा
    • अब लोगों को घर खरीदने में कोई रूचि नहीं दिख रही है, तो वही निवेश को लेकर अच्छी खबर है।
    • रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2015-2018 के वर्षों में 25.7 बिलियन डॉलर का निवेश हुआ था।
    • 2018 सबसे आकर्षक साल था और उस साल 7.2 अरब रुपए का निवेश हुआ,

मुंबई। पिछले तीन वर्षों में भारी आर्थिक संकट से जूझ रहे देश में रियल एस्टेट सेक्टर को अब भी राहत नहीं है। वर्ष 2019 में रियल एस्टेट सेक्टर संकट में ही रहेगा। यह खुलासा फिक्की और वेस्टियन संस्था के रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट इन इंडिया : अ ब्रीफ अनालिसिस नामक सर्वे रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट कमर्शियल सेगमेंट को जहाँ ग्राहकों की पहली पसंद बताया गया है तो वही आवासीय सेगमेंट में भारी गिरावट आई है। अब लोगों को घर खरीदने में कोई रूचि नहीं दिख रही है, तो वही निवेश को लेकर अच्छी खबर है। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2015-2018 के वर्षों में 25.7 बिलियन डॉलर का निवेश हुआ था। 2018 सबसे आकर्षक साल था और उस साल 7.2 अरब रुपए का निवेश हुआ, जो एक दसक में सबसे अधिक है. लेकिन यही रुझान वर्ष 2019 में भारी लग रहा है। आज मुंबई में आयोजित रियल एस्टेट फाइनेंसिंग पर फिक्की के कांफ्रेंस में यह रिपोर्ट जारी किया गया. रिपोर्ट में रियल एस्टेट सेक्टर के क्रमिक विकास और उसके निवेश परिदृश्य पर चर्चा की गयी है. इसके सम्पूर्ण अध्ययन से रियल एस्टेट सेक्टर के निवेश परिदृश्य और वित्तीय ज़रूरतों के लिए बैंकों के कर्ज पर भारी निर्भरता में बड़ा बदलाव दिखाई देता है।
वेस्टियन के कार्यकारी अधिकारी श्रीनिवास राव ने कहा कि रियल एस्टेट सबसे बुनियादी और प्रभावशाली व्यावसायिक क्षेत्रों में से एक है. किसी भी देश की अर्थव्यवस्था समग्र वृद्धि पर इस सेक्टर का बड़ा असर होता है. एक मजबूत और सक्षम रियल एस्टेट सेक्टर अनेक अन्य अनुषंगी उद्योगों की मजबूती में सहायक होता है. भारत जैसे विकासशील देश के अर्थव्यवस्था के लिए यह सेक्टर काफी महत्वपूर्ण है. हमारा मानना है की यह रिपोर्ट न केवल विनियमन समस्याओं के हल में, बल्कि इस सेक्टर के भविष्य के लिए चिंतन में भी मददगार होगी। फिक्की संस्था के चेयरमैन संजय दत्त ने आशावादी विचार रखते हुए कहा कि आगामी दिन भारत के रियल एस्टेट बाजार के लिए ऐतिहासिक साबित होगा। निवेशों के लिए निवेश का माहौल उत्तरोत्तर नरम और अनुकूल हुआ है. इसके पीछे सुधारात्मक उपायों, जैसे की रियल एस्टेट अभिनियम, बेनामी सौदा (निषेध) संशोधन अधिनियम, सभी के लिए आवास मिशन, और विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआइ) के नियमों में ढील का योगदान है, जिनके फलस्वरूप सर्वश्रेष्ठ कार्यपद्धतियाँ और पारदर्शिता अपनाने में लगातार वृद्धि हो रही है. दत्त ने कहा कि क्रांतिकारी सुधारों के कारण भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर निर्वाण की अवस्था में है और अपनी रौनक से निवेशों को आकर्षित कर रहा है तथा इस सेक्टर में फिर से भरोसा बहाल कर रहा है

कमर्शियल सेगमेंट सबसे पसंदिता
कमर्शियल निर्माण सबसे पसंदीदा सेगमेंट बन कर उभरा है. इसमें निवेशकों की दिलचस्पी जगी है और वर्ष 2016 के बाद से देश में बहुतायत रियल एस्टेट निवेश इसी सेगमेंट से आया है. 2015-2019 में वाणिज्यिक परिसंपत्तियों में सबसे अधिक मात्रा में रियल एस्टेट निवेश प्राप्त हुआ जो कुल निवेश मूल्य के 50% के बराबर है. कमर्शियल सेगमेंट में सबसे उल्लेखनीय सौदा ब्‍लैकस्‍टोन का था जिसने सेंट्रल मुंबई में इंडियाबुल्स से सौदा किया था।

रेजिडेंशियल सेगमेंट में गिरावट
आवासीय बाज़ार में विभिन्न घटकों और विशेषकर विनियामक उपायों के चलते मंदी आई और
लिक्विडिटी का संकट, प्रोजेक्ट्स में देरी तथा खरीदारों की दिलचस्पी में कमी जैसे कारणों के चलते आवासीय सेगमेंट पीछे चला गया। विदेशी निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी

Updated On:
27 Jul 2019, 07:40:43 PM IST

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।