पीएम मोदी को पत्र लिखकर बड़वानी के छोटा बडदा में अनशन पर बैठीं मेघा पाटकर

By: deepak deewan

Updated On:
25 Aug 2019, 04:03:31 PM IST

  • अनशन पर बैठीं मेघा पाटकर

खंडवा
नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेतृत्वकर्ता मेधा पाटकर एक बार फिर आंदोलन की राह पर हैं। बड़वानी के छोटा बडदा में वे अनशन पर बैठीं हैं। उन्होंनें सरदार सरोवर बांध की ऊंचाई न बढ़ाकर सरकार से पुनर्वास पर ध्यान देने की बात कही है। उनका कहना है कि सरदार सरोवर बांध में 133 मीटर की ऊंचाई तक पानी भरने के बाद डूब प्रभावित क्षेत्र की स्थिति खराब होती जा रही है। इसके बावजूद पुनर्वास पर ध्यान न देकर बांध में और पानी भरा जा रहा है।

नर्मदा बचाओ आन्दोलन के नेतृत्व में प्रदर्शन
उन्होंने चेतावनी दी कि मध्यप्रदेश की नई सरकार ने बातचीत तो शुरू की है, लेकिन पुनर्वास का काम पूरा नहीं हुआ है। प्रभावित क्षेत्रों के लोग चाहते हैं कि उनका विस्थापन कर लाभ दिया जाए, लेकिन प्रशासन मनमर्जी से काम कर रहा है। 32 हजार परिवारों में से 16 हजार को डूब प्रभावितों की सूची से बाहर कर दिया गया है, जबकि हकीकत में ये आज भी डूब प्रभावित क्षेत्र में हैं। पाटकर समेत डूब प्रभावितों ने शनिवार को पीएम नरेन्द्र मोदी को खुला खत लिखकर व्यवस्था बताई। पाटकर ने कहा, इस साल 139 मीटर तक बांध में पानी नहीं भरना चाहिए। गुजरात में वैसे भी इस साल अधिक बारिश होने के कारण पानी ही पानी है। बांध की ऊंचाई बढ़ाए जाने से मध्यप्रदेश को भी कोई लाभ नहीं हुआ है।

रविवार को यह रहा नजारा
बड़वानी जिले में राजघाट पर सुबह 10 बजे नर्मदा का जलस्तर 133.300 मीटर रहा। रविवार को अनशन अंजड़ के छोटा बड़दा में दोपहर 12 बजे से रैली निकालकर प्रदर्शन कर रहे हैं। टापू बने राजघाट में कई डूब प्रभावित परिवार आज भी रुके हुए हैं। प्रशासन इन लोगों को यहां से निकालने के लिए पिछले कई दिनों से प्रयास कर रहा है। उसके बाद भी लोग मूल गांव छोडऩे को राजी नहीं हो रहे हैं। गुजरात स्थित सरदार सरोवर बांध के गेट नहीं खुलने और बिना पुनर्वास आ रही डूब के विरोध में गांवों में आंदोलन चल रहा है। हालांकि रविवार को 3 गेट खोले हैं फिर भी पीछे से पानी आने से नर्मदा में जलस्तर बढ़ रहा है।

Updated On:
25 Aug 2019, 04:03:31 PM IST

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