पेन्टर अमित जोशी का मानना है कि वह पेन्टिंग अच्छी जो देखते ही सुकून व संदेश दे

By: MI Zahir

Updated On:
25 Aug 2019, 06:32:07 PM IST

  • जोधपुर. शहर में एक से बढ़ कर एक प्रतिभाएं हैं। इनमें से कुछ प्रतिभाएं तो एेसी हैं जो एक ही समय में कई फील्ड में एक्टिव हैं। जोधपुराइट्स को इंस्पायर करने में अग्रणी यूथ आर्टिस्ट ( youth artist ) का नाम है अमित जोशी ( amit joshi ) । आज आपको मिलवाते हैं ( interview ) हरफनमौला पेन्टर अमित जोशी ( Painter Amit Joshi ) से :

     

     

     

     

     

जोधपुर.हर आदमी में होते हैं दस बीस आदमी, जिसको भी देखना हो कई बार देखना। मशहूर शाइर निदा फाजली ( Nida fazli ) का यह शेर जोधपुर के एक यूथ फनकार अमित जोशी ( amit joshi ) पर सटीक बैठता है। यह फनकार एक साथ कई कलाओं में अपने फन के जौहर दिखा रहा है। चित्रकारी, मूर्तिकारी, फिल्म मेकिंग, फोटोग्राफी, इन्स्टालेशन,कार्टूनिंग,सैट डिजाइनिंग, इंटीरियर, एनिमेशन और मिमिक्री के भी फनकार हैं। उन्होंने ब्लूसिटी के एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन सहित शहर में कई जगह आकर्षक पेन्टिंग्स ( paintings ) बना कर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। उनके बनाए गए चित्रों का क्विट स्मोकिंग कैम्पेन लोगों ने बहुत पसंद किया। उनके चित्रों और इन्स्टालेशन से अब तक बहुत से लोगों को सिगरेट पीना छोडऩे में मदद मिली है। उन्होंने वीर दुर्गादास आधारित लाइट एंड साउंड शो दुर्गगाथा के भव्य मंचन का सेट डिजाइन किया था और इसकी परिकल्पना भी उन्होंने ही की थी। इसके अलावा सन 2010 में अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में उनकी एक फिल्म को बेस्ट डॉक्युमेंट्री फिल्म का अवार्ड मिला था। वे लोकसभा और विधानसभा चुनाव के दौरान जिला निर्वाचन कार्यालय के एम्बेसेडर रहे। पेश है पेन्टर अमित जोशी ( Painter Amit Joshi ) से हुई बातचीत ( interview ) के संपादित अंश :

पिता से मिला मार्गदर्शन
पेन्टर अमित जोशी का मानना है कि पेन्टिंग वह ही अच्छी होती है जो देखने वालों को सुकून दे या जिससे कोई सन्देश मिलता हो। बचपन से पिताजी को चित्र बनाते हुए देखता था और उन्हें देख कर मुझे भी ये शौक लग गया। अगर मॉडर्न आर्ट लोगों को सुकून दे या उसकी कोई उपयोगिता हो तो ठीक है, वरना आजकल लोग मॉडर्न आर्ट के नाम पर कुछ भी बनाने लगे हैं।

सामाजिक सरोकार का संदेश

उन्होंने कहा कि वे अपनी आर्ट, इन्स्टालेशन और सामाजिक सरोकार की फिल्मों के माध्यम से देश के हर राज्य में सामाजिक सरोकार का सन्देश देना चाहते हैं और उसके बाद विश्व के हर कोने में यह यात्रा जारी रखेंगे। जोशी ने कहा कि केंद्रीय ललित कला अकादमी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हर फील्ड के कलाकारों को उनका हक मिले और किसी भी प्रकार के टेलेंट की उपेक्षा न हो और युवा कलाकारों की सहभागिता भी सुनिश्चित हो।

 

 

Updated On:
25 Aug 2019, 06:32:07 PM IST

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