कैसे पूरा होगा गहलोत का ड्रीम प्रोजेक्ट, जनता क्लिनिक के लिए स्टाफ का अड़ंगा

By: Firoz Khan Shaifi

Updated On: 25 Aug 2019, 05:36:52 PM IST

  • प्रदेश के अस्पताल ही जूझ रहे हैं स्टाफ की कमी से, जनता क्लिनिक के लिए चाहिए 3 हजार चिकित्सक , जयपुर में ही जनता क्लिनिक के लिए 80 जगह चिन्हित

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ड्रीम प्रोजेक्ट में शुमार जनता क्लिनिक पर शुरू होने से पहले ही संकट के बादल मंडराने लगे हैं। दरअसल मुख्यमंत्री की सोच है कि वे शीघ्र ही जनता क्लिनिक के जरिए उनके मौहल्लों में उन्हें चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराएं, इसके लिए काम भी शुरू हो चुका है और कहां-कहां पर जनता क्लिनिक खुलने चाहिए, उन जगहों का सर्वें कर उन्हें चिन्हित भी किया जा चुका है, लेकिन जनता क्लिनिक के मामले में सबसे बड़ा अड़ंगा स्टाफ का टोटा है।

चिकित्सा विभाग चिकित्सकों और पैरा मेडिकल स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहा है। सूत्रों की माने तो इस समय प्रदेश में 2 से तीन हजार चिकित्सकों की कमी चल रही है। वहीं सरकार को जनता क्लिनिक के लिए कम से कम एक चिकित्सक चाहिए। अगर पूरे प्रदेश में 3 हजार जनता क्लिनिक खोले जाते हैं तो उनके लिए 3 हजार चिकित्सक चाहिए, ऐसे में स्टाफ की कमी से कहीं जनता क्लिनिक का ख्वाब ख्वाब ही न बनकर रह जाए।

हालांकि चिकित्सा विभाग ने दो हजार पदों पर भर्ती का प्रस्ताव बनाकर वित्त विभाग को भेजा है, लेकिन इसके बावजूद भी स्टाफ का टोटा बना रहेगा। हालांकि कहा जा रहा है कि अगर स्टाफ की कमी पड़ती है तो सरकार संविदा के आधार पर चिकित्सकों की नियुक्तियां कर उन्हें जनता क्लिनिक में लगा सकती है।

वहीं दूसरी ओर जयपुर शहर की बात करें तो यहां अब तक जनता क्लिनिक के लिए 80 स्थानों का चयन किया गया है। अब देखने वाली बात ये होगी कि पहले से स्टाफ की कमी से जूझ रहा चिकित्सा विभाग मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट जनता क्लिनिक को कैसे पूरा करेगा और जनता को राहत प्रदान कर पाएगा ।

 

Updated On:
25 Aug 2019, 05:35:46 PM IST

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