Hartalika Teej Vrat 2018 : करवा चौथ से भी कठिन है हरतालिका तीज का व्रत, पति की लंबी आयु के लिए इस तरह व्रत करती हैं महिलाएं

By: Ashutosh Pathak

Updated On: Sep, 12 2018 04:33 PM IST

  • Hartalika Teej Vrat 2018: जानिये तारीख और शुभ मुहूर्त, हरतालिका तीज या तीज को लेकर तैयारी हो गई है शुरू, इस बार 12 सितंबर को महिलाएं रखेंगी तीज व्रत, बिना पानी पिए पूरा दिन-पूरी रात रखती हैं व्रत, सोने की भी है मनाही।

नोएडा। हरतालिका तीज व्रत (Hartalika Teej) को हरतालिका तीज या तीजा भी कहते हैं। हरतालिका तीज हिंदू धर्म के बड़े व्रतों में से एक है। यह व्रत भाद्रपद, शुक्ल पक्ष की तृतीया के दिन किया जाता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला और निराहार 24 घंटे का व्रत रखती हैं। उत्तर प्रदेश और बिहार में मनाया जाने वाला यह त्योहार Karva Chauth से भी कठिन माना जाता है क्योंकि जहां करवाचौथ (Karva Chauth) में चांद देखने के बाद व्रत तोड़ दिया जाता है वहीं इस व्रत में पूरे दिन निर्जल व्रत किया जाता है और अगले दिन पूजन के पश्चात ही व्रत तोड़ा जाता है। इस बार तीज का व्रत 12 सितंबर को है।

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हरतालिका व्रत या तीज (Hartalika Teej)से जुड़ी एक मान्यता है कि इस व्रत को करने वाली स्त्रियां पार्वती जी के समान ही सुखपूर्वक पतिरमण करके शिवलोक को जाती हैं। इसलिए व्रत करने वाली महिलाओं के अलावा कुंवारी युवतियां भी गौरी-शंकर की पूजा करती हैं। तीज व्रत के दिन महिलाएं सौभाग्यवती स्त्रियां नए लाल वस्त्र पहनकर, मेंहदी लगाकर, सोलह शृंगार करती है और शुभ मुहूर्त में भगवान शिव और मां पार्वती जी की पूजा आरम्भ करती है। इस पूजा में काली मिट्टी से शिव, पार्वती और गणेश की प्रतिमा बनाई जाती है इसके बाद मूर्तियों का विधिवत पूजन किया जाता है। महिलाएं सुहाग का सामान भी चढ़ाती हैं। पूजा करने के बाद महिलाएं एक साथ बैठ कर हरितालिका तीज की कथा एक दूसरे को सुनाती हैं।

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नोएडा में रह कर नौकरी करने वाली दीपिका ने बताया कि वो यहां जॉब करती हैं और इस बार यहीं व्रत करेंगी। जिसके लिए उन्होंने तैयारियां शुरू कर दी हैं और कपड़े आदि खरीद लिए हैं। दीपिका बताती हैं कि इस व्रत (Hartalika Teej)के साथ एक और मान्यता है कि एक बार व्रत रखने के बाद इसे हर साल रखा जाता है। लेकिन अगर महिला की तबियत ठीक नहीं हो तो ये व्रत पति द्वारा रखा जा सकता है। हरतालिका व्रत के दिन व्रती को सोना निषेध बताया गया है, महिलाओं को रात में भजन कीर्तन के साथ रात्रि जागरण करना पड़ता है। उसके बाद अगले दिन सुबह स्नान करने के बाद पूजा करने और दान देने के बाद व्रत खोला जाता है। (Hartalika teej 2018 kab hai )

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Published On:
Sep, 04 2018 03:32 PM IST

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