कानपुर को प्रदूषण मुक्त करने के लिए सड़कों पर दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक लो फ्लोर बसें

By: Alok Pandey

Published On:
Jul, 13 2018 02:13 PM IST

  • ऐसा लगता है कि अब नीति आयोग ने कानपुर को प्रदूषण मुक्‍त करने के लिए पूरी तरह से कमर कस ली है. इसी के तहत कानपुर में सीएनजी के अलावा इलेक्‍ट्रिक लो फ्लोर बसों के चलने की खबर भी सुनाई दी है.

कानपुर। ऐसा लगता है कि अब नीति आयोग ने कानपुर को प्रदूषण मुक्‍त करने के लिए पूरी तरह से कमर कस ली है. इसी के तहत कानपुर में सीएनजी के अलावा इलेक्‍ट्रिक लो फ्लोर बसों के चलने की खबर भी सुनाई दी है. यही नहीं शहर से प्रदूषण को कम करने के लिए 2020 के बाद 15 साल पुराने डीजल कॉमर्शियल व्‍हीकल को स्‍क्रैप में बदलने की खबर भी सुनाई दी है.

ऐसी है खबर
जी हां, आप सही सुन रहे हैं. कानपुर के लोगों को जल्‍द हवा में घुलते प्रदूषण से मुक्‍ति मिलने वाली है. इस प्रदूषण के प्रभाव को कम करने के लिए देश के नीति आयोग ने बड़ा फैसला लिया है. इस फैसले के तहत कानपुर में सीएनजी के अलावा इलेक्ट्रिक लो फ्लोर बसें भी चलाई जाने वाली हैं. यही नहीं शहर के प्रदूषण को कम करने के लिए 2020 के बाद यहां 15 साल पुराने डीजल कॉमर्शियल व्हीकल को स्क्रैप में बदल दिया जाएगा.

ऐसा मिला है सुनने को
सुनने में आया है कि नीति आयोग के इस फैसले को जल्द से जल्‍द अमल में लाया जाएगा. इसी क्रम में इसको लेकर सभी तैयारियों को पूरा कर लिया गया है. इससे जुड़ी बड़ी खबर ये भी है कि सिर्फ कानपुर ही नहीं बनारस और दिल्ली जैसे प्रदूषित शहरों में भी ये इलेक्ट्रिक बसें जल्द दौड़ती नजर आएंगी. इस बारे में कानपुर के आरएम अतुल जैन बताते हैं कि 2020 तक कानपुर की सड़कों पर कई इलेक्ट्रिक बसें दौड़ती नजर आ जाएंगी.

मिलेगी ऐसी छूट
यही नहीं इसके आगे उन्होंने ये भी बताया कि नीति आयोग ने इस योजना के तहत इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को छूट देने की भी बात कही है. इसी क्रम में आरटीओ की ओर से टू व्हीलर इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का रजिस्ट्रेशन भी मुफ्त में किया जाएगा. इसी के साथ थ्री व्हीलर कॉमर्शियल व्हीकल के परमिट प्रॉसेस को भी पहले से ज्‍यादा आसान किया जाएगा. ऐसा होने के बाद इलेक्ट्रिक ऑटो और टेंपों खरीदने वाले लोगों को समस्‍याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा.

300 से ज्‍यादा वाहनों को किया जाएगा स्‍क्रैप
ऐसे में अब अगर आरटीओ के आंकड़ों पर गौर करें तो 2020 में शहर की सड़कों पर से लगभग 300 सौ से ज्‍यादा कामर्शियल वाहनों को नए नियमों के तहत स्क्रैप किया जाएगा. कारण है कि यह वाहन 2020 में 15 साल पुराने हो जाएंगे. पुराने डीजल वाहनों को स्क्रैप कर उनकी जगह पर इलेक्ट्रिक वाहनों को खरीदने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया जाएगा.

Published On:
Jul, 13 2018 02:13 PM IST