ताले में बंद कृष्ण जन्म की खुशी

By: Girraj Prasad Sharma

Updated On: 25 Aug 2019, 08:28:30 PM IST

  • भगवान श्रीकृष्ण (shri krishna) का जन्म भले ही कारागृह में हुआ, लेकिन जन्म के साथ ही कारागृह के ताले खुल गए और अगले दिन जन्म की खुशी नंदोत्सव के रूप में मनाई जाने लगी। आज भी देशभर में श्रीकृष्ण के जन्म की खुशी में नंदोत्सव की धूम रही, लेकिन छोटी काशी जयपुर के एेतिहासिक सरकारी मंदिरों (Government Temple) में जन्माष्टमी के दूसरे दिन भगवान श्रीकृष्ण ताले में बंद नजर आए। जी हां शहर में स्थित देवस्थान विभाग (Devasthan department) के करीब 23 मंदिरों में नंदोत्सव जैसा कुछ नहीं हुआ, नियमित पूजा अर्चना के बाद श्रीकृष्ण भगवान ताले में बंद नजर आए।

 

जयपुर। भगवान श्रीकृष्ण (shri krishna) का जन्म भले ही कारागृह में हुआ, लेकिन जन्म के साथ ही कारागृह के ताले खुल गए और अगले दिन जन्म की खुशी नंदोत्सव के रूप में मनाई जाने लगी। आज भी देशभर में श्रीकृष्ण के जन्म की खुशी में नंदोत्सव की धूम रही, लेकिन छोटी काशी जयपुर के एेतिहासिक सरकारी मंदिरों (Government Temple) में जन्माष्टमी के दूसरे दिन भगवान श्रीकृष्ण ताले में बंद नजर आए। जी हां शहर में स्थित देवस्थान विभाग (Devasthan department) के करीब 23 मंदिरों में नंदोत्सव जैसा कुछ नहीं हुआ, नियमित पूजा अर्चना के बाद श्रीकृष्ण भगवान ताले में बंद नजर आए।

 

जन्माष्टमी के दूसरे दिन रविवार को शहर के मंदिरों में श्रीकृष्ण के जन्म की खुशी में नंदोत्सव मनाया गया। गोविंददेवजी सहित अन्य मंदिरों में नंदोत्सव में शहर उमड़ पड़ा। कपड़े-खिलौने आदि की उछाल लूटने वालों मंे होड सी मची। शहर में भी घर-घर श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की खुशी छाई। वहीं देवस्थान विभाग के एेतिहायिक मंदिरों में नंदोत्सव के नाम पर कुछ नहीं हुआ। यहां नियमित पूजा-अर्चना के बाद ठाकुरजी ताले में बंद नजर आए। शहर में देवस्थान विभाग के करीब 30 मंदिर है, इनमें करीब 24 मंदिरों में श्रीराधा-कृष्णजी के स्वरूप विराजमान है। इनमें करीब एक दर्जन मंदिर बड़े और एेतिहासिक भी है, लेकिन विभाग के पास इन मंदिरों में नंदोत्सव मनाने के लिए पैसे ही नहीं हैं। इसके चलते देवस्थान विभाग के सरकारी मंदिरों में नंदोत्सव नहीं मनाया गया। सिर्फ चांदनी चौक स्थित मंदिरश्री आनंदकृष्ण बिहारीजी मंे नंदोत्सव का आयोजन हुआ, लेकिन वह जनसहयोग से हुआ। बाकि मंदिरों में श्रीकृष्ण जन्म के दूसरे दिन ही ताले लगे नजर आए। अन्य दिनों के जैसे सिर्फ पूजा-अर्चना ही हुई, श्रीकृष्ण जन्म की खुशी जैसा कुछ नहीं हुआ।

Updated On:
25 Aug 2019, 08:00:57 PM IST

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