बैलेट पेपर पर महाभारत - एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल को भेजी शिकायत,

By: Anurag Thareja

Updated On: 25 Aug 2019, 10:04:15 PM IST

  • बैलेट पेपर पर महाभारत
    - एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल को भेजी शिकायत, आज सौंपेगे जिला कलक्टर को ज्ञापन

 

बैलेट पेपर पर महाभारत
- एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल को भेजी शिकायत, आज सौंपेगे जिला कलक्टर को ज्ञापन

हनुमानगढ़. बैलेट पेपर हिंदी में छपने पर टाउन के राजकीय एनएमपीजी कॉलेज की छात्रसंघ राजनीति में महाभारत हो गई। एबीवीपी ने मिलीभगत का आरोप लगाते हुए राज्यपाल को पत्र लिखा है। इसके लिए सीएम हेल्पलाइन व ऑनलाइन साइटों पर शिकायत दर्ज कर जांच की मांग है। इधर, रविवार को जिला प्रशासन के अधिकारी नहीं होने पर एबीवीपी ने सोमवार को जिला प्रशासन के सभी अधिकारियों को ज्ञापन देने का निर्णय लिया है। महाविद्यालय प्रशासन पर आरोप लगाया कि 22 अगस्त को नामांकन भरने की तिथि व 23 अगस्त को नामांकन पत्र उठाने व निरस्त करने की प्रक्रिया को अंतिम रूम देकर सूची चस्पा की गई थी। इस सूची में अंगे्रजी भाषा के तहत प्रत्याशियों के नाम लिखे गए थे। प्रत्याशियों ने इस सूची में क्रम वाइज दिए गए नाम के आधार पर मतदान करने की अपील कर रहे हैं। लेकिन अचानक महाविद्यालय प्रशासन ने हिंदी में दोबारा सूची चस्पा कर दी। इससे क्रम बदल गए, जबकि प्रत्याशियों को इसकी सूचना तक नहीं दी गई। शिकायत के माध्यम से एबीवीपी ने मुख्य चुनाव अधिकारी हटाने, चुनाव उपखंड अधिकारी की मौजूदगी में करवाने, अंग्रेजी से हिंदी बैलेट पेपर छपने की जांच करने व बैलेट पेपर अंग्रेजी में छपने की मांग की है। एबीवीपी के दीपक खाती ने कहा कि कॉलेज प्रशासन एनएसयूआई के दबाव में काम कर रही है। इसके चलते सोमवार को जिला प्रशासन के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। संयोजक विपिन सुथार ने कहा कि इस मामले की जांच नहीं की गई तो जिले में एबीवीपी सड़कों पर उतरेगी।

इसलिए कर रहे विरोध
बैलेट पेपर अंग्रेजी में छपने पर निर्दलीय प्रत्याशी विकास कुमार का नाम चौथे स्थान पर था। अब हिन्दी में बैलेट पेपर होने पर सूची में नाम तीसरे स्थान पर चला गया है। एबीवीपी का आरोप है हिंदी में सूची करने पर एनएसयूआई के प्रत्याशी का नाम चौथे स्थान पर आ गया है। निर्दलीय प्रत्याशी विकास कुमार के समर्थक बैलेट पेपर में चौथे स्थान पर मुहर लगाकर मतदान करने की अपील कई गांवों में कर चुके हैं।

 

बैलेट पेपर हिन्दी में होते हैं
कॉलेज कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. रामपाल अहरोदिया ने बताया कि बैलेट पेपर हिन्दी में ही होते हैं। गत कई वर्षों से हिन्दी वर्णमाला के अनुसार बैलेट पेपर में नाम अंकित होता है। लिंगदोह कमेटी बैलेट पेपर जारी करने का कोई निर्देश नहीं है। इसमें क्रम वाइज होता है। हिन्दी हमारी राष्ट्रीय भाषा है। गत कई वर्षों से हिन्दी में ही बैलेट पेपर छपते आ रहे हैं। गत वर्षों के आधार पर ही इस बार किया गया है। इस बार नया कुछ नहीं किया गया है।

Updated On:
25 Aug 2019, 10:04:14 PM IST

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