#Assamfloodupdate 31 जिलों के 42 लाख लोग बाढ़ की चपेट में

By: Nitin Bhal

Published On:
Jul, 15 2019 10:20 PM IST

  • प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री से टेलीफोन पर बातकर स्थिति की जानकारी ली, जलशक्ति मंत्री शेखावत लेने आएंगे जायजा

    बराकघाटी का रेल संपर्क 19 तक होगा बहाल

    काजीरंगा का 95 प्रतिशत हिस्सा बाढ़ में डूबा

    गुवाहाटी के उजानबाजार में भी घुसा ब्रह्मपुत्र का पानी

(गुवाहाटी, राजीव कुमार): असम में बाढ़ ने भयावह रूप धारण कर लिया है। लगातार हो रही बारिश से स्थिति बिगड़ रही है। राज्य के 33 जिलोंं में से 31 जिले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इन जिलों के 42 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल से टेलीफोन पर बात कर राज्य की बाढ़ की स्थिति के बारे में जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि टेलीफोन पर हुई बातचीत के दौरान, मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को वर्तमान स्थिति से अवगत कराया और उन्हें जानकारी दी कि राज्य के 33 में से 31 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। एक अधिकारी ने बताया कि मोदी ने सोनोवाल को वर्तमान स्थिति से निपटने में केंद्र सरकार की हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री ने शनिवार को गृह मंत्री अमित शाह को असम की बाढ़ की स्थिति के बारे में जानकारी दी थी। शाह ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल तथा अन्य एजेंसियों को निर्देश दिया है कि बाढ़ प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद की जाए। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कहा कि इस राज्य में बरपेटा सबसे प्रभावित जिला है। 7.35 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। मंगलवार को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत बाढ़ का जायजा लेने आएंगे।

बराकघाटी का रेल सम्पर्क टूटा

उधर, 12 जुलाई से बराकघाटी के साथ जो रेल संपर्क टूटा हुआ है उसे मरम्मत के बाद 19 जुलाई तक खोला जाएगा। पूर्वोत्तर सीमा रेलवे ने बताया कि भारी बारिश के चलते मरम्मत के कार्य में बाधाएं आ रही है। इसलिए कुछ ट्रेनों को रद्द किया गया है और कुछ को नियंत्रित किया गया है। वहीं, गुवाहाटी के उजानबाजार में ब्रह्मपुत्र का पानी एमसी रोड से घुस गया है। बाढ़ का पानी फैंसी बाजार को भी छू रहा है। फैंसी बाजार कामहात्मा गांधी रोड ब्रह्मपुत्र के पानी से धंस गया है।

कांजीरंगा के वन्यजीव आफत में

काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का 95 प्रतिशत हिस्सा बाढ़ के पानी में डूबा हुआ है। राष्ट्रीय उद्यान के किनारे से जाने वाले 37 नंबर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाढ़ का पानी आ गया है। इसलिए ऊपरी असम जाने वाले वाहनों की आवाजाही रोक दी गयी है। साथ ही उद्यान में आयी बाढ़ से वहां रह रहे जानवरों का जीना मुहाल हो गया है। इसलिए वे राष्ट्रीय राजमार्ग से अन्यत्र जाने की कोशिश कर रहे हैं। वन विभाग ने इसलिए गाडिय़ों की रफ्तार को नियंत्रित करने के लिए टाइम कार्ड भी शुरू किया है। इसके बावजूद कई हिरण मारे गए हैं। कई जानवर पानी में बह गए हैं। वन विभाग का कहना है कि फिलहाल इनके आंकड़े देना संभव नहीं होगा। पानी के कमने के बाद ही नुकसान का पता चलेगा।

Published On:
Jul, 15 2019 10:20 PM IST

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