अब भूख से तड़प कर गोवंश पशु नहीं मरेंगे, हुआ यह इंतजाम

By: Dheerendra Vikramadittya

Updated On: Apr, 11 2019 11:52 PM IST

  • Govansh ashray ssthal samiti

निराश्रित-बेसहारा गोवंश के आश्रय स्थल पर रखे गए गो-वंश के भरण पोषण के लिए जिला प्रशासन ने ‘गोकुल’ अस्थाई गो-वंश आश्रम स्थल समिति का गठन किया है। यह समिति अस्थायी गोवंश आश्रय स्थलों की स्थापना, क्रियान्वयन, संचालन व प्रबंधन के कार्य संभालेगी।
समिति का कार्यालय गोला के ग्राम गाजेगढ़हा में बनाया गया है जहां 5 एकड़ में आश्रम बनाया जा रहा है। समिति के अध्यक्ष जिलाधिकारी के विजयेंद्र पांडियन, उपाध्यक्ष सीडीओ अनुज सिंह, सचिव सीएमओ डॉ. डीके शर्मा और एसडीएम सदर प्रथमेश कुमार कोषाध्यक्ष होंगे। अगले सप्ताह समिति की बैठक कर खण्ड स्तरीय अनुश्रवण समिति, तहसील स्तरीय अनुश्रवण समिति और जनपद स्तरीय अनुश्रवण समिति का गठन किया जाएगा। इसके लिए मण्डल स्तर पर भी अनुश्रवण समिति भी गठित होगी। इन समितियों में जनप्रतिनिधियों को भी जोड़ा जाएगा। इसके अलावा आम लोगो की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी।
जिलाधिकारी के विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि जनपद में ब्लाक और जिला पंचायत स्तर पर अस्थायी आश्रय स्थल खोले गए हैं जिनमें ब्लाक स्तर पर पशुपालन विभाग एवं बीडीओ का और जिला पंचायत स्तर पर पशुपालन विभाग एवं जिला पंचायत अधिकारियों का साझा खाता एकाऊंट भी खोल लिया गया है। डीएम और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के संयुक्त एकाऊंट में शासन स्तर पर एक करोड़ रुपये की धनराशि भी मिल चुकी है। सनद रहे कि 2 जनवरी को शासन ने ऐसी समितियों के गठन के लिए शासनादेश जारी किया था।

कई विभागों का लेंगे सहयोग
विकास खण्ड स्तरीय, तहसील स्तरीय, जनपद स्तरीय और मण्डल स्तरीय श्रवण एवं मुल्यांकन समितियों में प्रशासन, पुलिस, स्थानीय निकाय, पशुपालन विभाग, डीआरडीए, जिला पंचायत, सिंचाई, वन विभाग, ग्रामोद्योग, उद्यान, कृषि विभाग, नाबार्ड, राजस्व विभाग सहयोग प्रदान करेंगे। डॉ. संजय कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक विकास खण्ड एवं तहसील स्तरीय समितियों की तीन सप्ताह में एक बार और माह में एक बार एवं जिला स्तर पर माह में दो बार एवं मण्डल स्तर पर प्रत्येक माह में एक बार अनिवार्य रूप से बैठक कर समीक्षा, मूल्यांकन किया जाएगा।

समिति का उद्देश्य
-निराश्रित-बेसहारा गोवंश को आश्रय स्थल पर भरण पोषण उपलब्ध कराना
-गोवंश को टीकाकरण एवं उपचार प्रदान करना
-नर गोवंश के बंध्याकरण एवं संरक्षित मादा गोवंश को प्रजन्न सुविधा मुहैया कराना
-गोवंश के दूध, गोबर, कंपोस्ट खाद के विक्रय से आश्रय स्थलों को स्वावलम्बन की संभावनाओं को बढ़ाना

जनसहयोग से संचालित होगा केंद्र

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं इस गो-आश्रय स्थलों को जनसहयोग से संचालित करने का आह्ववान किया था, लिहाजा जिला प्रशासन एक निश्चित धनराशि दान में लेकर समिति से गो-सेवा के इच्छुक लोगों को भी जोड़ने की योजना बना रहा है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ डीके शर्मा ने कहा कि शासन की इच्छा गो-संरक्षण केंद्रों को स्वावलम्बी बनाने एवं जन सहयोग से संचालित करने की है। जल्द ही होने वाली बैठक में सहयोग की धनराशि निर्धारित कर ली जाएगी। फिलहाल गो आश्रय स्थलों के लिए शासन द्वारा 1 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा नगर निगम ने अलग से 50 लाख रुपये की धनराशि इस्तेमाल कर रही है।

Published On:
Apr, 11 2019 11:52 PM IST

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