दो दिन से खड़े रेत के डेढ़ सौ से अधिक ओवरलोड वाहन, नहीं की गई कार्रवाई

By: Rajeev Goswami

Updated On:
24 Aug 2019, 05:14:32 PM IST

  • 20 दिन पहले भी खड़े कराए गए दो सैकड़ा ट्रकों में से सिर्फ 4 पर हुई थी जुर्माने की कारवाई

फूप. दो दिन से हाइवे-92 के किनारे खड़े रेत के डेढ़ सैकड़ा से अधिक ओवरलोड वाहनों पर कार्यवाही न कर खनिज विभाग एक बार फिर से शासन को करोड़ों रुपए का चूना लगाने की फिराक में है। यदि इन वाहनों पर जुर्माने की कार्रवाई कर दी जाए तो शासन के खजाने में 2 से 2.50 करोड़ रुपए पहुंचने की संभावना है। खनिज विभाग और प्रशासन की ढुलमुल नीतियों के कारण हाइवे पर आए दिन जाम लग जाने से न सिर्फ यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि लॉ एंड ऑर्डर को लेकर संकट खड़ा हो रहा है।

गुरुवार की रात को उप्र की सीमा मेंं आरटीओ चेकिंग के दौरान पुलिस ने डेढ़ सैकड़ा से अधिक रेत और गिट्टी से भरे वाहनों को सडक़ के किनारे खड़ा करा लिया था। इनमें से बड़ी संख्या मेंं वाहन ढाबों और एप्रोच सडक़ों पर खड़े हैं। इन वाहनों पर दो दिन बाद भी जुर्माना की कार्रवाई न होने से खनिज विभाग की नीयत पर संदेह होने लगा है। इटावा की ओर जाने वाले वाहनों पर कार्रवाई करने के लिए 6 अगस्त को एसडीएम की मॉनिटरिंग में कलेक्टर के आदेश पर खनिज का नाका स्थापित कर दिया गया था। नाके पर हो रही गड़बड़ी की पोल गुरुवार की रात को उस समय खुल गई जब उप्र में चेकिंग के दौरान नाके से निकले सैकड़ों वाहनों को बरही के पास रोड पर कतार में खड़ा करा दिया गया था। स्थानीय ग्रामीणों की माने तो रोज रात 10 बजे के बाद खनिज नाके से रेत के वाहनों का निकलना शुरू हो जाता है और यह सिलसिला सुबह 6 बजे तक चलता रहता है। ग्रामीणों की माने तो प्रतिदिन 150 से 200 तक वाहन निकल रहे हैं।

20 दिन पहले कतार में खड़े कराए गए थे 200 ट्रक सिर्फ चार पर हुई कार्रवाई

उप्र की सीमा में चेङ्क्षकग के दौरान 20 दिन पहले 4 अगस्त को भी रेत के ओवरलोड वाहनों को फूप से चंबल पुल के बीच खड़ा कराया गया था। कलेक्टर के आदेश पर खनिज अधिकारी तथा एसडीएम भिण्ड को कार्रवाई करने के लिए पुलिस बल के साथ चंबल पुल पर लगाया गया था। तीन दिनों तक अफसर वहां पर खड़े रहे, लेकिन सभी ट्रक निकल गए कार्रवाई सिर्फ चार ट्रकों पर हो पाई। शेष ट्रक क्यों और कैसे इटावा की ओर निकल गए इसका अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं है।

पूर्व में बिना कार्रवाई के निकलने वाले वाहनों को लेकर हमने खनिज अधिकारी से प्रतिवेदन मांगा है। आज जो वाहन बिना कार्रवाई के खड़े हैं इस पर जानकारी ले रहे हैं। कलेक्टर के भी संज्ञान में है।

मो. इकबाल खां, एसडीएम भिण्ड

-रात के समय ट्रक मालिक आ जाते हैं और गाडिय़ां निकालने के लिए प्रेसर भी बनाते हंै। कई तो जबरन गाडिय़ां निकाल ले गए हम इनका पता लगा रहे हैं। हाइवे पर लॉ एंड आर्डर को भी मेंटेन करना है। जाम लगता है, तो परेशानी खड़ी होती है। दो दिन बाद भी कार्रवाई न होने के संबंध में खनिज विभाग से रिपोर्ट ले रहे हैं।

छोटेसिंह, कलेक्टर भिण्ड

Updated On:
24 Aug 2019, 05:14:32 PM IST

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