पोटेशियम साइनाइड से कम नहीं है यह, काट लें तो बीस सेकेंड में इंसान पहुंच सकता है यमलोक

Arijita Sen

Publish: Sep, 12 2018 11:42:22 AM (IST)

किसी जहरीले सांप की तरह किसी मच्छर के महज काटने मात्र से ही इंसान काल के गाल में समा सकता है ऐसा हमने पहले शायद ही सुना होगा।

नई दिल्ली। डेंगू, चिकनगुनिया, इंसेफलाइटिस और मेनिनजाइटिस जैसी कई जानलेवा बीमारियों को न्यौता देने वाले मच्छरों से हमारा रोज सामना होता है। घरों में मच्छरों का मिलना कोई नई बात नहीं है। इससे बचने के लिए हम रोज तरह-तरह के उपाय भी अपनाते हैं क्योंकि रातों की नींद को खराब करने में ये मच्छर कोई कसर नहीं छोड़ते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि दुनिया में मच्छरों की करीब 3500 प्रजातियां पाई जाती हैं। इनमें से कुछ इतनी खतरनाक होती हैं जिसके बारे में हम सोच भी नहीं सकते हैं।

 

होलोरूसिया मिकादो

मच्छर से होने वाली किसी बीमारी से इंसान की जान जा सकती है इस बारे में तो हम सभी को पता है, लेकिन किसी जहरीले सांप की तरह महज काटने मात्र से ही इंसान काल के गाल में समा सकता है ऐसा हमने पहले शायद ही सुना होगा। आज हम आपको मच्छर की एक ऐसी प्रजाति के बारे में बताने जा रहे हैं जो इस हद तक जहरीली है कि इसके काटने मात्र से ही इंसान की मृत्यु हो सकती है।

 

होलोरूसिया मिकादो

हम यहां दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे जहरीली मच्छरों की प्रजाति 'होलोरूसिया मिकादो' की बात कर रहे हैं। इस मच्छर के अंदर इतना जहर भरा होता है कि इसके काटने पर किसी भी इंसान की मात्र 20 सेकेंड में मौत हो जाती है। चीन के शिचुआन प्रांत में पाया गया यह मच्छर आकार में बहुत बड़ा होता है। जब यह पंख फैला लेती है तो इसका आकार 11 सेंटीमीटर तक हो जाता है।

होलोरूसिया मिकादो

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, 'होलोरूसिया मिकादो' को अभी 'इंसेक्ट म्यूजियम ऑफ वेस्ट चाइना' में रखा गया है। इस म्यूजियम के संरक्षक झाओ ली ने बताया कि, मच्छर की यह जहरीली प्रजाति अगस्त में चेंग्दू के माउंट किंगचेंग की यात्रा के दौरान मिला था।

 

Insect museum of west China

दिखने में विशालकाय यह मच्छर ना ही इंसानों का खून पीता है और ना ही उन्हें काटता है। मिकादो प्रजाति का यह मच्छर केवल फूलों का रस पीता है। हालांकि अगर गलती से ये किसी को काट लें तो इससे पल भर में मौत हो सकती है।

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Web Title "Largest mosquito of the world has been kept in a museum of China"