बच्चों ने ली शपथ, चाईनीज मंझे का नहीं करेंगे इस्तेमाल

By: Ajay Chaturvedi

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Published: 20 Dec 2017, 01:18 PM IST

Varanasi, Uttar Pradesh, India

वाराणसी. चाईनीज मंझे से लगातार लोग हताहत हो रहे हैं। आए दिन किसी न किसी का कोई न कोई अंग से इससे रेता जा रहा है। उच्च न्यायालय इस मंझे पर पहले ही रोक लगा चुका है। लेकिन कम से कम बनारस में जिला प्रशासन को इससे कोई सरोकार नहीं। चाईनीज मंझे धड़लेले से बिक रहे हैं। ऐसे में इस पर प्रतिबंध लगाने के लिए सामाजिक संस्था ने पहल की है। वह स्कूलों में जा कर बच्चों को जागरूक कर रहा है। बच्चे भी इसमें बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। ऐसा ही एक उदाहरण पेश किया गया बुधवार को सरस्वती इंटर कॉलेज, सुड़िया में।

बच्चों ने ली शपथ, नहीं प्रयोग करेंगे चाईनीज मंझे का

सरस्वती इंटर कॉलेज के छात्रों ने बुधवार को सामूहिक रूप से चाईनीज मंझा इस्तेमान न करने की शपथ ली। उन्होंने इसे कातिल मंझा नाम दिया। कहा कि इसकी जगह हम लोग स्वदेशी मंझे का इस्तेमाल करेंगे। इस मोके पर सुबह-ए-बनारस के अध्यक्ष मुकेश जायसवाल ने कहा कि इस चाईनीज मंझे से आए दिन लोग जख्मी हो रहे हैं। इतना ही नहीं पशु-पक्षी भी इससे घायल हो रहे हैं। उनकी मौत हो रही है। लेकिन जिला प्रशासन के अधिकारी चाईनीज मंझा बनाने वालों पर कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं। इससे इसकी बिक्री करने वालों का हौसला बढ़ रहा है। वे धड़ल्ले से चाईनीज मंझा बेच रहे हैं।

डीएम ने चाईनीज मंझे की बिक्री पर लगा रखा है धारा 144

जायसवाल ने बच्चों को बताया कि जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र पहले ही 31 जनवरी 2018 तक चाईनीज मंझे की बिक्री पर धारा 144 रखा है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि चाईनीज मंझे की बिक्री करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। लेकिन इस आदेश के बाद चाहे सिविल प्रशासनिक अधिकारी हों या पुलिस के अधिकारी चाईनीज मंझे की बिक्री पर रोक लगाने को कोई पहल नहीं कर रहे। वे लगातार डीएम ही नहीं हाईकोर्ट के निर्देश की अवहेलना कर रहे हैं।

न लगी तो मकर संक्रांति होगी काली

जायसवाल ने कहा कि अगर चाईनीज मंझे पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगा तो अबकी मकर संक्रांति काली होगी। जाने कितने बब्चे जख्मी होंगे बल्कि लोगों की जान पर भी खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति पर प्रायः हर घर के बच्चे पतंग उड़ाते हैं। यह पतंग उड़ाने का बड़ा पर्व है। ऐसे में उस दिन इस चाईनीज मंझे की चपेट में आ कर कोई काल के गाल में समा जाए तो बड़ी बात नहीं। ऐसे में इस मंझे की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए। पुलिस व प्रशासन इसकी बिक्री करने वालों पर सख्ती से कार्रवाई की जाए।

ये थे मौजूद

इस मौके पर संस्था के संरक्षक कमला प्रसाद सिंह, सरस्वती इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य महेश तिवारी, डॉ मनोज यादव, मंगलेश अग्रवाल, स्वामीनाथ सिंह, कमलेश सिंह, रामजी रस्तोगी, अभिषेक, प्रमोद, विनोद, प्रेमशंकर, हरिप्रकाश, मनमोहन, दीपक, राजकुमार, प्रदीप, कमल, गणेश प्रसाद, राजेश कुमार, प्रज्ञानाथ, प्रमोद शुक्ला, द्वारिका प्रसाद आदि मौजूद रहे।

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