बिना ट्राली के ट्रैक्टर थाने पहुंचाया

ayazuddin siddiqui

Publish: Sep, 12 2018 05:11:05 PM (IST)

अवैध रेत उत्खनन को रोकने अधिकारियों ने निकाला नया रास्ता

उमरिया. नगर में अवैध रेत उत्खनन पर अंकुश लगाने प्रशासन ने कई कदम उठाये, लेकिन संतोषजनक सफलता न मिलने के कारण अधिकारी बौखला चुके हैं। अधिकारियों को यह भी नहीं मालूम की किस वाहन पर कौन सी कार्रवाई करनी है। बिना ट्राली के खड़ा ट्रेक्टर को उमरिया तहसीलदार एवं बांधवगढ़ एसडीएम द्वारा पकड़ लिया गया और उसे थाने पहुंचा दिया गया। चूंकि यह ट्रेक्टर किसानी कार्य में प्रयोग किया जा रहा था।
जहां एक ओर प्रदेश की सरकार किसानों के हित में कई योजनाएं एवं नीतियां बनाकर कृषि को लाभ का धंधा बनाने में लगी हुई है, वहीं कुछ अधिकारी प्रदेश की सरकार को नीचा दिखाने के लिये योजनाओं को पलीता लगा रहे हैं। उक्त ट्रेक्टर को अधिकारी द्वारा पकड़े जाने के बाद किसानों में इस बात को लेकर रोष व्याप्त हो रहा है।
रही बात अधिकारियों की तो कलेक्टर की नजर में अपने आप को नेक पाक साफ साबित करने के लिये किसी भी कार्रवाई व किसी भी हद तक जा सकते हैं। इस विषय पर जब एसडीएम अनुराग सिंह से मोबाइल पर बात की गयी तो उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया।
तहसीलदार भागीरथ लहरे से बात की गयी तो उन्होने बताया कि उक्त दल में बांधवगढ़ एसडीएम, मानपुर एसडीएम, बांधवगढ़ तहसीलदार, मानपुर तहसीलदार की संयुक्त टीम द्वारा इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। किसान की बात करने पर तहसीलदार भागीरथ लहरे ने कहा कि उक्त ट्रेक्टर को पकडऩे के लिये पूरी रात सर्च ऑपरेशन किया है। यह किसी किसान नहीं है जिसे पकड़कर हमने बिना ट्राली का ट्रेक्टर थाने में खड़ा कराया है।
सवाल यह उठता है कि कानून की दोहाई देने वाले अधिकारियों की दो रंगी नीति लोगों के समक्ष से परे हो रही है। अभी हाल ही में एक माह पहले तिरुपति बिल्डकांन के तीन हाईवा जिसमें प्रत्येक में 16-16 घनमीटर रेत भरी थी उसे अवैध परिवहन करते पकड़ा गया और महज तीन दिन के अंदर ही जुर्माना करके छोड़ दिया गया। लेकिन अन्य ट्रेक्टरों को पकडऩे के बाद उन्हे महीनों तक कार्यालयों के चक्कर लगवाये जाते हैं अनायाश परेशान करने के बाद नियमत: जुर्माना वसूल कर रिलीज कर दिया जाता है। शासन के इस तरह से कार्रवाई से भी लोगों में असंतोष व्याप्त हो रहा है। उक्त ट्रेक्टर मालिक शैलेन्द्र सिंह ने उमरिया कलेक्टर से जनसुनवाई में पूरी बात को स्पष्ट रुप से लिखित आवेदन देकर ट्रेक्टर को छोडऩे के लिये मांग भी की है।
यह मामला सोमवार की सुबह 6 बजे का है जबकि किसान अपना ट्रेक्टर लेकर नदी धोने के लिये जा रहा था।
ज्ञातव्य हो कि प्रार्थी शैलेन्द्र सिंह पिता इन्द्रपति सिंह निवासी ग्राम सेवई पोस्ट बड़ेरी थाना उमरिया ने जनसुनवाई में शिकायत के माध्यम से आरोपित किया है कि वह 10 सितंबर को सुबह 6.30 बजे मेरा वाहन ट्रेक्टर क्रमांक एमपी 54ए-7736 इंजन मेरा ड्रावइर लेकर धोने हेतु गया था और ट्रेक्टर धोने की तैयारी कर रहा था, तभी कुछ अधिकारीगण एसडीएम एवं तहसीलदार गाड़ी के पास आ पहुंचे और ड्राइवर से मोबाइल लेकर कहने लगे कि यह ट्रेक्टर लेकर थाना चलो। डर के कारण ड्राइवर मौके से भाग गया।
उक्त वाहन में ट्रेक्टर की चाबी लगी हुई थी, उसे लेकर थाना कोतवाली उमरिया में खड़ा करा दिया गया और जब मै थाना में जानकारी हेतु पहुंचा तो खनिज सर्वेयर ने बताया कि एसडीएम एवं तहसीलदार जी के द्वारा वाहन खाली इंजन खड़ा कराकर चले गये हैं। मेरे जानकारी लेने पर उन्होने कहा कि खनिज शाखा में पहुंचकर जानकारी लें। इस तरह से ट्रेक्टर मालिक को परेशान किया गया है।
इधर वन अमले ने पकड़ा रेत से भरा ट्रैक्टर
मानपुर. वन परिक्षेत्राधिकारी मानपुर की ताबडतोड़ कार्यवाही से रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया। सूत्रों के मुताबिक छपड़ौर चौकी के नजदीक नाला से दबंगई के सांथ मंगलवार की दोपहर को अवैध तरीके से रेत उत्खनन करते हुए ट्रेक्टर टाली को वन अमला पकड़ कर अपने कब्जे में लेते हुए मानपुर रेंज में खड़ा किया गया है। प्राप्त जानकारी अनुसार उक्त ट्रेक्टर टाली गांव के ही किसी मिलनसार व्यक्ति का बताया जा रहा है। मानपुर वन परिक्षेत्राधिकारी दिनेश जमरे एवं उनकी गठित टीम के द्वारा मौके पर पहुंच ट्रेक्टर टाली वाहन को अपने कब्जे में लेते हुए अग्रिम कार्यवाही किया जा रहा है।

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Web Title "Tractor police station without trolley"