सौगात: पाणिनि संस्कृत विश्वविद्यालय को शिक्षा शास्त्र पाठ्यक्रम की मान्यता

By: Lalit Saxena

Published On:
Apr, 27 2017 06:14 PM IST

  • महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय उज्जैन को शिक्षाशास्त्र पाठ्यक्रम की मान्यता भी मिल गई है। सत्र 2017-18 से बीए, बीएड एकीकृत कोर्स का अध्ययन-अध्यापन प्रारंभ होगा।
शैलेष व्यास@उज्जैन. महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय उज्जैन को शिक्षाशास्त्र पाठ्यक्रम की मान्यता भी मिल गई है। सत्र 2017-18 से बीए, बीएड एकीकृत कोर्स का अध्ययन-अध्यापन प्रारंभ होगा। महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.आरसी पांडा  ने बताया विश्वविद्यालय को एक नए पाठ्यक्रम की मान्यता प्राप्त हो गई है। विवि में स्नातक और स्नात्तकोतर पाठ्यक्रम का संचालन हो रहा है। 


अनुमति प्रदान कर दी
शासन द्वारा पाणिनि संस्कृत विवि को शिक्षाशास्त्र पाठ्यक्रम की अनुमति भी प्रदान कर दी गई है। इसके बाद संस्थान में एकीकृत बीए, बीएड कोर्स सत्र 2017-18 प्रारंभ होने जा रहा है। चार वर्षीय कोर्स के लिए 50 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। इसकी प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जा रही है। 

अन्य कॉलेजों को भी संबद्धता
कुलपति प्रो.पंाडा ने बताया कि पाणिनि विश्वविद्यालय के अलावा इसके परिक्षेत्र में आने वाले अन्य कॉलेज भी एकीकृत बीए, बीएड कोर्स  का संचालन कर सकते हैं। इसके लिए कॉलेजों द्वारा प्रक्रिया और मापदंड पूर्ण करने पर विवि की ओर संबद्धता प्रदान की जाएगी। हालांकि इसके लिए कॉलेजों और छात्रों को कुछ इंतजार करना होगा। 




ujjain sanskrit university got recognition of educ

शहर के लिए सौगात 
कुलपति प्रो.पांडा के अनुसार शासन द्वारा उज्जैन के सांस्कृतिक और पौराणिक महत्व को ध्यान में रखते हुए संस्कृत भाषा और प्राचीन ज्ञान-विज्ञान के अध्ययन-अध्यापन के लिए महर्षि पाणिनि संस्कृत विश्वविद्यालय अधिनियम 2006, क्रमांक 15 सन् 2008 के तहत 15 अगस्त 2008 से विश्वविद्यालय की स्थापना की गई। शिक्षाशास्त्र का नया पाठ्यक्रम विवि और शहर के लिए सौगात है।

Published On:
Apr, 27 2017 06:14 PM IST