बहनों का सफर शुरू, बस- ट्रेन फुल

By: rajesh jarwal

Published On:
Aug, 13 2019 07:00 AM IST

  • ओवरलोड वाहनों को लेकर हादसों की भी आशंका

शाजापुर. रक्षाबंधन पर्व को दो दिन शेष है। अब सभी बहनें अपने ससुराल से मायके जाने को आतुर है। अधिकतर बहनों ने तो सफर भी शुरू कर दिया है। सोमवार को इन्हीं बहनों के सफर से बस, ट्रेन हाऊसफुल रही। शाजापुर से चलने वाली बसों में जहां भीड़-भाड़ देखी गई, वहीं रेलवे स्टेशन पर भी ट्रेन खचाखच भरी हुई आई। ऐसी स्थिति में भी लोगों ने अपना सफर तय किया। इधर ईद पर्व को लेकर भी यात्री वाहनों में भीड़ रही।
रक्षाबंधन के चलते आवागमन के साधनों पर यात्रियों का इतना अधिक दबाव बढ़ जाता है। बस और ट्रेनों में पैर रखने की जगह तक नहीं मिल रही है। अपने भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए बहनें ससुराल से मायके जा रही हैं। गंतव्य तक पहुंचने के लिए या तो वे बस या ट्रेन की सवारी कर रही हैं। ऐसे में यातायात के इन दोनों ही प्रमुख साधनों में यात्रियों की खासी भीड़ उमड़ रही है। शाजापुर से उज्जैन, इंदौर, बेरछा, कानड़ और शुजालपुर आदि रूट पर चलने वाली बसें इस भीड़ के कारण यात्रियों से पटी हैं।
इधर हादसे का भी डर
रक्षाबंधन का पर्व मनाने खुशी-खुशी बहनें मायके जा रही है, वहीं हादसे का डर भी सता रहा है। त्योहारी सीजन के दौरान बस मालिक मनमर्जी से अपने वाहनों में सवारियां ठूंस-ठूंसकर बैठा रहे हैं। ओवरलोडिंग बसें कई बार हादसे का कारण बनी है, जिनमें कई लोग अपनी जान से हाथ धो चुके हैं। कई लोग तो घायल होकर आज भी अपनी बेबसी पर आंसू बहा रहे हैं। क्षेत्र में हुई बारिश से कई सड़कें उखड़ी हुई है। वहीं शहरी हाईवे की हालत भी खस्ताहाल है। ऐसे में ये ओवरलोडिंग बसें कहीं भी दुर्घटनाग्रस्त हो सकती है, जिससे नुकसान एक बार फिर यात्रियों को ही झेलना पड़ सकता है।

Published On:
Aug, 13 2019 07:00 AM IST

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।