वेतन बढ़ाने की मांग पर कार्मिकों ने किया बहिष्कार

By: bhuvanesh pandya

Published On:
Jun, 12 2019 09:05 AM IST

  • - दर्शन डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल का मामला

भुवनेश पण्ड्या

उदयपुर. दर्शन डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल लोयरा में वेतनमान बढ़ाने की मांग को लेकर मंगलवार सुबह करीब 8 बजे से ही 100 नोन टीचिंग कार्मिकों ने कार्य बहिष्कार किया। बहिष्कार सुबह से शाम तक चलता रहा। साढ़े आठ बजे से ढाई बजे तक शांतिपूर्ण तरीके से बहिष्कार करने वाले कार्मिकों को दोपहर में प्रन्धन की ओर से वार्ता के लिए बुलाया गया, लेकिन आपसी रजामंदी नहीं हो पाई। बताया जा रहा है सोमवार को प्रबन्धन की ओर से कड़े शब्द कहने के बाद नाराज कार्मिकों ने मंगलवार को हड़ताल का निर्णय लिया था। जनरल मैनेजर कुलदीप माथुर ने वार्ता के लिए प्रतिनिधि मंडल गया, लेकिन आपस में तय नहीं होने से कार्मिक अपनी मांग पर अड़े रहे। बताया जा रहा है कि प्रबन्धन 15 प्रतिशत वेतन बढ़ाने के लिए कह रहा है, जबकि कार्मिकों का कहना है कि उनका वेतन काफी कम होने से उन्हें परेशानी हो रही है। कार्मिकों ने पत्रिका से बातचीत में बताया कि वे 15 से लेकर 20-20 सालों से काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें पैसा कम दिया जा रहा है। श्रम विभाग में कामिकों ने शिकायत की थी, उसकी प्रति व मांग पत्र प्रबन्धन को सौंपा है। देहात कांग्रेस प्रवक्ता टीटू सुथार ने भी कार्मिकों के बुलावे पर वहां पहुंच प्रबन्धन से समझाइश की।
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दो माह बाद विद्यार्थियों के प्रवेश पर उन्हें वेतनमान बढ़ाने की बात कही थी, लेकिन वे नहीं मान रहे, वे लिखित में लिखकर आश्वासन देने की बात करते हुए बहिष्कार पर उतर आए, पता नहीं ऐसा क्या हुआ कि वे अपनी बात पर अड़े रहे, जबकि उन्हें जल्द वेतनमान बढ़ाने की बात कही गई है।

कुलदीप माथुर, जीएम दर्शन डेंट कॉलेज एंड हॉस्पिटल लोयरा उदयपुर

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हमारे पैसे बढ़वाओ साहब

- महाराणा भूपाल हॉस्पिटल

उदयपुर. महाराणा भूपाल हॉस्पिटल में मंगलवार को ठेके के माध्यम से कार्य कर रहे विभिन्न कार्मिक अधीक्षक डॉ लाखन पोसवाल से मिलने पहुंचे। उन्होंने मांग की कि उनका मानदेय बढ़ाया जाए, जो तय मानदेय उन्हें बताया गया था, उससे काफी राशि उन्हें कम मिल रही है, इस पर पोसवाल ने उन्हें समझाया कि जीएसटी में करीब 26 प्रतिशत राशि कटने से उन्हें कम मानदेय मिल रहा है, साथ ही पीएफ की राशि भी काटी जा रही है। कार्मिकों ने पोसवाल ने आग्रह किया कि इतने कम मानदेय में वे कार्य नहीं कर पा रहे हैं।

Published On:
Jun, 12 2019 09:05 AM IST

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