अपने घर-आंगन का सपना रहा अधूरा

By: bhuvanesh pandya

Updated On:
10 Sep 2019, 09:56:02 PM IST

  • - आवास योजनाओं की पात्रता सूची में तो नाम चढ़े, पर नहीं मिली छत
    - मुख्‍यमंत्री ग्रामीण बीपीएल आवास एवं इंदिरा आवास योजनाएं बंद

    - प्रदेश के सवा लाख से अधिक पात्र परिवारों को नहीं मिल पाया लाभ

भुवनेश पण्ड्या

उदयपुर . अपनी छत की उम्मीद में कई गरीब परिवारों ने बरसों पूर्व सरकार की आवास योजनाओं के लिए आवेदन किया। सरकार ने भी पात्रता सूची में उन्हें शामिल करते हुए अपना घर बनाने में मदद का भरोसा दिला। लम्बे इंतजार के बाद उन्हें अब यह पता चला कि वे योजनाएं तो बंद हो गई जिससे उनका सपना अधूरा रह गया।

प्रदेश में मुख्‍यमंत्री ग्रामीण बीपीएल आवास योजना वर्ष 2011-12 से 2013-14 तक एवं इन्दिरा आवास योजना वर्ष 2015-16 तक लागू रही। इसमें बीपीएल सर्वे 2002 में शामिल परिवार, जो आवासहीन थे या कच्‍चे घरों में रहते थे, उन्हें स्‍थायी वरीयता सूची के आधार पर आवास स्‍वीकृत किए गए। इस बीच, मुख्‍यमंत्री ग्रामीण बीपीएल आवास योजना एवं इन्दिरा आवास योजना बंद हो गई जिससे राज्‍य में बीपीएल सर्वे 2002 के अनुसार 1 लाख 28 हजार 866 लाभार्थी आवास योजना का लाभ मिलने से वंचित रहे गए। इनमें से 80 हजार 257 लाभार्थी प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत स्‍थायी वरीयता सूची में शामिल हैं। शेष 48609 लाभार्थियों में से अप्रेल 2018 एवं फ रवरी 2019 में हुई विशेष ग्रामसभाओं में अनुमोदन होने पर 23,259 वंचित पात्र परिवार चिह्नित किया गया। इसके बाद इन परिवारों को आवास योजनाओं में लाभ के अंतिम निर्णय के लिए सूची ग्रामीण विकास मंत्रालय को भेजी गई। मामला फिलहाल मंत्रालय के पास लम्बित है।

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उदयपुर जिला की स्थिति

उदयपुर में कुल 6454 परिवार इन आवास योजनाओं का लाभ मिलने से वंचित रह गए।

ब्लॉक..वंचित परिवार
गिर्वा 3134

कुराबड़ 1895
कोटड़ा 1425

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जिलेवार स्थिति
जिला ...वंचित लाभार्थी

बांसवाड़ा 19373
बारां 11071

बाड़मेर 10654
बीकानेर 5765

बूंदी 2295
चित्तौडगढ़़ 4028

चूरू 9353
डूंगरपुर 510

हनुमानगढ़ 2730
जयपुर 52

जैसलमेर- 5976
जालोर 10345

झालावाड़ 5332
जोधपुर 3059

कोटा- 3679
नागौर 154

पाली 6279
राजसमन्द 6539

स. माधोपुर- 11321
श्री गंगानगर 728

टोंक 3169
कुल 1 लाख 28 हजार 866

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इन जिलों में पात्र ही नहीं
- अजमेर

- अलवर
- भरतपुर

- भीलवाड़ा
- दौसा

- धौलपुर
- झुंझ़ुनूं

- करौली
- प्रतापगढ़

- सीकर
- सिरोही

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इन दोनों आवास योजनाओं को तो बंद किया जाना है। मामले तो अभी भी आ रहे हैं, हम निस्तारण का प्रयास भी करते हैं, लेकिन सरकार ने भी निर्देश दिए हैं कि अब इन योजनाओं में मकान की राशि नहीं मिलेगी। उनका जो बजट है, वह भी सरकार को लौटाना है। जो पात्र हैं उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत फिर से आवेदन करना होगा, लेकिन ये जरूरी है कि वे पुरानी पात्र सूची में हो।
कमर चौधरी, सीईओ जिला परिषद

Updated On:
10 Sep 2019, 09:56:02 PM IST

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