चहुंओर दिखा कान्हा के जन्म का उल्लास, देर रात गूंजे बधाई गान, मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु

By: pramod soni

Updated On:
25 Aug 2019, 08:29:57 PM IST

  • चहुंओर दिखा कान्हा के जन्म का उल्लास

    - देर रात गूंजे बधाई गान
    - मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु

उदयपुर . हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की..., कृष्ण कन्हैया लाल की जय..., मोर मुकुट बंसी वाले की जय... नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैयालाल की... सहित विभिन्न जयकारों के बीच मध्यरात्रि में जब भगवान कृष्ण के जन्म की झांकी के दर्शन हुए तो श्रद्धालु भाव- विभोर होकर प्रभु की झलक को निहारते रह गए। मंदिरों में लाड़ लड़ाने के साथ ही भगवान को नयनाभिराम शृंगार धराया गया। प्रभु को पालने में झुलाया गया।
यह नजारा शनिवार को शहर के कृष्ण मंदिरों में दिखाई दिया। भगवान( janmashtami celebration in udaipur)श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। मध्यरात्रि में भगवान के (janmashtami )जन्मोत्सव की झांकी से पूर्व ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हो गए। बधाई गायन, जयकारों, शंखनाद के बीच भगवान के(janmashtami )जन्मोत्सव की झांकी के दर्शन हुए तो भक्त श्रद्धा के सागर में गौते लगाते हुए अपने आराध्य निहारते हुए मग्न हो गए। चहुंओर प्रभु श्रीकृष्ण के जन्म का उल्लास ही नजर आ रहा था। एेसा ही नजारा शहर के कई घरों में भी दिखाई दिया। शहर के विभिन्न कृष्ण मंदिरों सहित बाइजीराज का कुंड में जन्माष्टमी पर्व मनाया गया।

घर-घर में मनी जन्माष्टमी
घर-घर में श्रद्धा से लोगों ने लालन को शृंगार धराया। मध्यरात्रि में प्रभु को पलने में झुलाया और भोग धराने के साथ ही आरती उतारी। इसके बाद पंजरी का प्रसाद वितरित किया गया।

स्थल आश्रम में धूमधाम से मनाया जन्मोत्सव
अस्थल आश्रम में शनिवार को (janmashtami )जन्माष्टमी पर्व धूमधाम से मनाया गया आश्रम में सुबह से ही श्रद्धालुओं के आना का क्रम शुरू हो गया। सुबह भगवान को पंचामृत श्रीसूक्त और पुरुषसुक्त से स्नान कराया गया। बाद में भगवान को विशेष शृंगार किया गया। भगवान को विशेष व्यंजनों का भोग धराया गया। आश्रम में शाम को बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। एेसे में यहां रह रहकर कतारे लगती रही। आश्रम में नरसिंह अवतार, दशावतार, कृष्ण लीला सहित अन्य धार्मिक झांकियों के दर्शन कर श्रद्धालुओं ने भगवान कृष्ण के जीवन की झलक देखी। आश्रम में मध्य रात्रि 12.30 बजे भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के दर्शन हुए। मंदिर में प्रभु के विग्रह स्वरूप को पालने में झुलाया गया इसके साथ ही सोंठ के लड्डू, गोंद, खोपरे की चटनी आदि व्यंजनों का भोग धराया गया। अंत में आरती हुई और श्रद्धालुओं को पंजरी का प्रसाद वितरित किया गया।

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आतिशबाजी संग जन्मोत्सव का आगाज

श्रीनाथ मंदिर में शनिवार को जन्माष्टमी मनाई गई। सुबह मंगला के बाद ठाकुर जी का पंचामृत अभिषेक हुआ। मदन मोहनजी को पंचामृत स्नान कराया गया। दिन भर विभिन्न मनोरथ हुए। रात 9.30 से 11.55 तक जागरण के दर्शन हुए। इस दौरान प्रभु को विशेष शृंगार धराया गया। रात 12.00 बजे प्रभु के जन्मोत्सव की झांकी के दर्शन हुए। इसके बाद ठाकुरजी को महाभोग अर्पित किया गया। जन्मोत्सव के साथ ही आतिशबाजी की गई। जन्मोत्सव के दर्शन करीब 1 घंटे तक खुले रहे। जन्मोत्सव के दौरान आतिशबाजी की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में वैष्णवजन मंदिर पहुंचे और भगवान के दर्शन का लाभ लिया।
आज मनेगा नंदोत्सव

श्रीनाथजी मंदिर के अधिकारी कैलाशचंद्र ने बताया कि रविवार को सुबह 8.30 बजे नंदोत्सव मनाया गया। मुखियाजी नंदबाबा के वेश में और बाल भोगियाजी यशोदा के वेश में ठाकुरजी को पलना झुलाएंगे। अन्य सेवा वाले गोपी और ग्वाल का वेश धारण कर ठाकुरजी के सम्मुख नृत्य किया। इस दौरान दही दूध का छिड़काव हुआ। श्रद्धालुओं को पंजेरी का प्रसाद भी वितरित किया गया। इसी प्रकार अस्थल मंदिर में भी रविवार को नंदोत्सव मनाया गया।
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जगदीश मंदिर में मना नंदोत्सव
जगदीश मंदिर में जन्माष्टमी पर्व धूमधाम से मनाई गई। मंदिर में दिनभर भजन-कीर्तन के साथ ही उत्सव का माहौल रहा। मध्यरात्रि जन्मोत्सव के दर्शन हुए। सुबह प्रभु को विग्रह स्वरूप को पालने में झुलाया गया। इस दौरान मंदिर में सभा मंडप में ढाढा-ढाढ़ीन का नृत्य हुआ। बधाई गीत गाए गए। नंदबाबा और यशोदा मां ने श्रद्धालुओं को नेग प्रदान किया।

Updated On:
25 Aug 2019, 08:29:57 PM IST

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