हाई कोर्ट ने आस्टे्रलियाई कंपनी सहित तीन को ई-मेल से नोटिस भेजी

हाई कोर्ट ने आस्टे्रलियाई कंपनी सहित तीन को ई-मेल से नोटिस भेजी

अहमदाबाद. गुजरात उच्च न्यायालय ने आस्ट्रेलियाई फर्म के साथ-साथ मुंबई की कंपनी सहित तीन को ई-मेल से नोटिस भेजने का निर्देश दिया। उच्च न्यायालय के निर्देश पर हाईकोर्ट की रजिस्ट्री ने सिडनी स्थित आस्ट्रेलिया की कंपनी, मुंबई स्थित कंपनी सहित तीन को ई-मेल से नोटिस भेजा। वहीं राज्य सरकार को नोटिस जारी किया। मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई को होगी।
याचिकाकर्ता के वकील चेतन पंड्या के मुताबिक आस्ट्रेलियाई कंपनी ने पाइरेसी के तहत अपने अधिकृत एजेंट के मार्फत सूरत स्थित सॉफ्टवेयर कंपनी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस मामले में वर्ष 2013 में सूरत के फर्म के प्रबंधक विवेक नथानी को कॉपीराइट एक्ट के उल्लंघन के तहत उधना थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। अगले महीने सूरत की कंपनी ने आस्ट्रेलियाई कंपनी से सॉफ्टवेयर के उपयोग के लिए लाइसेंस खरीद लिया। इसके बाद विवाद का निपटारा हो गया। उधर विदेशी कंपनी ने उधना पुलिस से कहा कि कंपनी इस मामले में स्थानीय कंपनी के खिलाफ आपराधिक मामला नहीं चलाना चाहती। लेकिन पुलिस को इस संबंध में क्षेत्राधिकार नहीं था कि वे इस आपराधिक मामले को किस तरह रोकें? इसके बाद पुलिस ने स्थानीय कंपनी के खिलाफ आरोपपत्र पेश किया। इसके पांच वर्ष के बाद मजिस्टे्रेट अदालत ने आपराधिक प्रक्रिया आरंभ की। इसके बाद नथाणी ने उच्च न्यायालय से अपने खिलाप दर्ज प्राथमिकी रद्द करने की गुहार लगाई। इसमें कहा गया कि दोनों कंपनियों के बीच के विवाद का निपटारा हो चुका है। साथ ही स्थानीय कंपनी ने आस्ट्रेलियाई कंपनी को ई-मेल नोटस से भेजने को कहा जिससे कार्रवाई जल्दी हो सके।
सोशल मीडिया का उपयोग अदालतों की नोटिस देने में किया जा रहा है। गुजरात उच्च न्यायालय ने अपनी रजिस्ट्री को आस्टे्रेलियाई कंपनी सहित अन्य को ई-मेल से रजिस्ट्री भेजने को कहा।
सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2014 में अदालतों को नोटिस जारी करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के उपयोग की बात कही थी जिससे त्वरित कार्रवाई हो सके। अदालतों ने हाल ही में व्हाट्स एप और ई-मेल के मार्फत नोटिस देना आरंभ किया है। हालांकि ये नोटिस फिलहाल व्यावसायिक और वैवाहिक मामलों तक ही सीमित हैं।

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