Rajasthan Budget 2019 : ‘खेती में जान तो सशक्त किसान’, टोंक से शुरू होगी योजना, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आम बजट में की घोषणा

By: Pawan Kumar Sharma

Published On:
Jul, 11 2019 10:18 AM IST

  • Rajasthan Budget 2019 राज्य सरकार के बुधवार को पेश किए गए आम बजट में टोंक जिले के किसानों पर खासा ध्यान दिया गया है। खास बात ये रही कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आम बजट पेश करते हुए कहा कि ‘खेती में जान तो सशक्त किसान’ योजना की शुरुआत टोंक जिले से होगी। हालांकि ये योजना बांसवाड़ा तथा सिरोही के लिए भी है। वहीं जिले के लिए सिंचाई को मुख्य मान मानकर 13 जिलों के साथ टोंक को शामिल किया गया है। इसके अलावा एक अन्य परियोजना में भी 21 जिलों के साथ टोंक को जोड़ा गया है।

टोंक. राज्य सरकार ( Rajasthan Government ) के बुधवार को पेश किए गए आम बजट ( Budget ) में टोंक जिले के किसानों पर खासा ध्यान दिया गया है। खास बात ये रही कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत Ashok Gehlot ) ने आम बजट ( Budget2019 ) पेश करते हुए कहा कि ‘खेती में जान तो सशक्त किसान’ ( farming life so strong farmer ) योजना की शुरुआत टोंक जिले से होगी।

 

हालांकि ये योजना बांसवाड़ा तथा सिरोही के लिए भी है। वहीं जिले के लिए सिंचाई को मुख्य मान मानकर 13 जिलों के साथ टोंक ( tonk ) को शामिल किया गया है। इसके अलावा एक अन्य परियोजना में भी 21 जिलों के साथ टोंक को जोड़ा गया है। वहीं लोगों को उम्मीद थी कि इस बार बजट में औद्योगिक क्षेत्र, उच्च शिक्षा, पर्यटन के साथ कोई ऐसी परियोजना आएगी, जिससे जिले का विकास तो होगा ही, साथ ही बेरोजगारी भी दूर होगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।

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20 हजार किसान होंगे लाभांवित
बजट के अनुसार ‘खेती में जान तो सशक्त किसान’ योजना में बांसवाड़ा, टोंक तथा सिरोही को शामिल किया है। इसमें इन जिलों की 36 ग्राम पंचायतों के 20 हजार किसान लाभांवित होंगे।

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कृषि लागत को कम करने के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। जीरो बजट प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने के लिए पराम्परिक तरीके से कम सिंचाई, प्राकृतिक खाद्य व बीज बनाने का प्रशिक्षण एवं एक्सपोजर विजिट कार्य होंगे। इस पर कुल 10 करोड़ की लागत आएगी।

 


ये है जल क्षेत्र सुधार परियोजना
भरतपुर, धौलपुर, टोंक, पाली, सिरोही, बारां, झालावाड़, भीलवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, उदयपुर, हनुमानगढ़ तथा श्रीगंगानगर के लिए राजस्थान जल सुधार आजीविका सुधार परियोजना लागू की गई है।

 

इसमें 29 सिंचाई उप-परियोजना पर 262 करोड़ 40 लाख खर्च किए जाएंगे। इसमें बांधों का जीर्णोद्धार होगा। इसके अलावा सिंचाई सुविधा के विकास के लिए 21 जिलों के साथ टोंक को शामिल किया गया है। इसमें 517 करोड़ रुपए के 55 कार्य होंगे।


इनमें भी मिलेगा जिले को लाभ
बजट के अनुसार जीएसएस में भंण्डारण के गोदाम का निर्माण कराया जाएगा। प्रत्येक ग्राम पंचायत में नवीन पशु चिकित्सा उपकेन्द्र खोल जाएंगे। आवारा पशुओं से निजात के लिए पंचायत समिति स्तर पर नंदी शाला का निर्माण होगा। सडक़ विहिन ग्राम पंचायतों में विकास पथ बनाए जाएंगे।

 

चार हजार से अधिक आबादी वाले गांव में पेयजल के लिए पाइप लाइन डाली जाएगी। इस्र्टन राजस्थान केनाल प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय दर्जा देने की मांग हुई है। इस 37 हजार करोड़ करोड़ की परियोजना में टोंक शामिल है। साथ ही अवैध बजरी खनन पर प्रभावी अंकुश तथा समस्या का समाधान के लिए राजस्थान एम-सेंड 2019 लाई जाएगी।

 

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Jul, 11 2019 10:18 AM IST

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