24 घंटे में ही हत्या के प्रयास की घटना को भूला प्रशासन

By: Nitin Sadaphal

Updated On:
25 Aug 2019, 10:22:00 AM IST

  • एसडीएम के सामने हुआ था होमगार्ड जवान पर हमला, रेत माफिया के डंप तक नहीं पहुंचा तंत्र

टीकमगढ़/पृथ्वीपुर. जिले में रेत माफिया का बेखौफ काला कारोबार चल रहा है। शुक्रवार को जिस जगह पर एसडीएम के सामने होमगार्ड जवान की हत्या करने की कोशिश की गई। इसका मामला भी दर्ज हुआ, उससे दस किलोमीटर दूर कई अवैध डंप हैं पर प्रशासन ने अपनी जांच व कार्रवाई वहां तक नहीं बढ़ाई। केवल टै्रक्टर चालक पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करने तक ही सीमित कर लिया। हालांकि रेत कारोबारी शनिवार को गायब रहे और परिवहन नहीं हुआ।
दरअसल रेत का यह काला कारोबार सरकारी गठजोड़ से ही चल रहा है। यही वजह है कि होमगार्ड जवान को टै्रक्टर पलटाकर जान से मारने की कोशिश को महज टै्रक्टर चालक की गिरफ्तारी और उस पर प्रकरण दर्ज करने तक सीमित कर दिया गया। रेत माफिया से निपटने और इस काले कारोबार को रोकने के लिए किसी भी स्तर पर प्रयास नहीं किए गए। जिस थाना क्षेत्र की यह घटना है, वहां की पुलिस भी कार्रवाई के नाम पर बचती रही। बताया गया है कि पृथ्वीपुर के जिस करगुवां गांव के समीप यह घटना हुई थी, उससे १० किलोमीटर दूर आधा सैकड़ा से अधिक रेत के अवैध डंप हैं। नदी से रेत निकालकर वहां एकत्रित की जाती है, इसके बाद परिवहन किया जाता है। इतनी बड़ी घटना को प्रशासन महज 24 घंटे में भूल गया और रेत के इस गोरखधंधे को बंद कराने के लिए शनिवार को कोई प्रयास नहीं किया गया। प्रशासन इस मामले मंे केवल निर्देश जारी करने की बात कहकर दायित्व की इतिश्री कर ली।
बंद रहा रेत का परिवहन- शुक्रवार को हुई इस घटना के बाद प्रशासन की कारवाई के भय रेत कारोबारियों में दिखा और कहीं से भी रेत के वाहनों की आवाजाही नहीं दिखाई दी। विदित हो कि क्षेत्र में महेबा, चौमो, चिटका एवं बछौड़ा से खनन कर रेत लाई जाती हैं। शनिवार को इन गांवों से रेत के एक भी वाहन नगर में नहीं पहुंचे।

यह था मामला
शुक्रवार को पृथ्वीपुर एसडीएम कुशल सिंह गौतम को रेत के अवैध परिवहन की सूचना होने पर चेकिंग की गई थी। इस दौरान जेरौन रोड से पकड़े गए एक ट्रैक्टर को जब होमगार्ड जवान केके कुशवाहा के साथ थाने भेजा जा रहा था, तो ट्रैक्टर चालक बसंता अहिरवार ने तेज गति से ट्रैक्टर चलाकर उसे पलटा दिया था। इस घटना में होमगार्ड जवान ट्रॉली के नीचे रेत में दब गया था।

ये हैं रेत के इलाके
पिछले एक माह से जारी बारिश के कारण नदियों में पानी आने से वर्तमान में बड़ी खदानों से रेत का अवैध खनन बंद है। अभी रेत माफिया डंप से काम चला रहा है। पलेरा के करौला, टौरिया, खेरा, गौना, कछौरा, बखतपुरा, सैपुरा, मैंदवारा, उपरारा, महेबा, टौरिया, लार, रामगढ़ एवं टांनगा सहित कई अन्य स्थानों में रेत के डंप हैं।

सीधी बात------कुशल सिंह गौतम, एसडीएम
पत्रिका: घटना के संबंध में कोई जांच कराई जा रही हैं, क्या?
एसडीएम: इस मामले में ट्रैक्टर चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई हैं। उसे गिरफ्तार भी किया गया हैं। पुलिस जांच कर रही हैं।
पत्रिका: क्षेत्र में चल रहे अवैध खनन को लेकर आज कोई जांच या कार्रवाई हुई हैं?
एसडीएम: दूसरे दिन काम बंद रहा है। वह लोग रेत उठाकर लाते थे, वह अभी बंद हैं।
पत्रिका: कार्रवाई को लेकर कोई निर्देश जारी किए हैं?
एसडीएम: सभी पटवारी, तहसीलदार, को निर्देशित किया है, जहां भी अवैध खनन किया जा रहा हैं, वहां कार्रवाई की जाए। जरूरत पड़े तो पुलिस के सहयोग लिया जाए।
पत्रिका: इतनी बड़ी घटना के बाद, कारोबारियों पर नियंत्रण करने आज कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
एसडीएम: मैं इन स्थानों पर गया था। लेकिन घटना के बाद से वह अलर्ट हो गए हैं और कोई मिला नहीं। यह अभियान सतत जारी रहेगा।

Updated On:
25 Aug 2019, 10:22:00 AM IST

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