प्रसूता की मौत पर हंगामा, चिकित्सकों और नर्सिक स्टाफ की बर्खास्तगी पर अड़े परिजन

By: Surender Kumar Ojha

Updated On: 25 Aug 2019, 01:44:12 PM IST

  • Uproar over maternal deathराजकीय जिला चिकित्सालय में भर्ती प्रसूता की मौत के मामले में परिजनों ने जमकर हंगामा किया.

श्रीगंगानगर. राजकीय जिला चिकित्सालय के एमसीएचयू स्थित पोस्टऑपरेटिव वार्ड में में भर्ती प्रसूता की मौत (maternal death) के मामले में रविवार को परिजनों ने जमकर हंगामा किया।

मौके पर पहुंचे सीओ सिटी इस्माइल खान को परिजनों ने एफआईआर के साथ लापरवाही बरतने वाले चिकित्सक और नर्सिग स्टाफ को बर्खास्त करने की मांग की। इस दौरान पीएमओ डा.क़ेएस कामरा से लिखित में तीन दिन में दोषी चिकित्सक और नर्सिग स्टाफ को बर्खास्त करने की जिद्द करने लगे, पीएमओ ने परिजनों के तीखे तेवर देखते हुए लिखित में आश्वासन देने में देर नहीं लगाई। इससे पहले चिकित्सालय के पीएमओ ने मेडिकल बोर्ड से मृतका उर्मिला का पोस्ट मार्टम कराने के आदेश किए।

इस संबंध में सदर थाने में दोषी चिकित्सकों और नर्सिग स्टाफ के खिलाफ लापरवाही बरतने के मामले में एफआईआर हो चुकी है।
छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष भरत खोथ ने बताया कि जब रोगी की हालत खराब थी तब नर्सिग स्टाफ अपने मोबाइल पर गेम खेलने में लगा था। इंजेक्शन देने के उपरांत उर्मिला की मौत हो गई। इस घोर लापरवाही के बावजूद चिकित्सालय प्रशासन नर्सिग स्टाफ को बचाने में लगा है। गांव पक्का सहारण के वार्ड नंबर 11 निवासी गर्भवती ऊर्मिला रानी पत्नी सीताराम को प्रसव पीड़ा होने पर 21 अगस्त को चिकित्सालय में भर्ती करवाया था। शनिवार सुबह साढ़े ग्यारह बजे सर्जन डॉक्टर मुकेश स्वामी की टीम ने सिजेरियन प्रसव करवाया। सिजेरियन के बाद प्रसूता को पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। दोपहर बाद मरीज के पेट पर दर्द होने पर नर्सिंग स्टूडेंट ने दर्द का इंजेक्शन लगा दिया।

इसके बाद प्रसूता की तबीयत बिगड़ गई। फिर नर्सिंग स्टाफ हरिंद्रकौर ने प्रसूता के ऑक्सीजन लगाया और मरीज को सांस लेने में तकलीफ होने लगी और मरीज तडफऩे लगा और देखते ही देखते कुछ ही देर में मरीज की मौत हो गई। एचओडी सर्जन डॉ.मुकेश स्वामी का कहना है कि प्रसूता का सुबह सिजेरियन किया था तब वह सामान्य थी और किसी प्रकार की कोई तकलीफ नहीं हुई। रक्त के थक्का की वजह से मौत हो सकती है।
मरीज की तबीयत बिगडऩे पर आपातकालीन कक्ष से डॉ.सतीश लेघा व ऑनकॉल डॉक्टर शिखा पोस्टऑपरेटिव वार्ड में पहुंच कर मरीज को सीपीआर दिया जाता है लेकिन मरीज तब तक दम तोड़ देता है। परिजनों की शिकायत पर पोस्टऑपरेटिव वार्ड से नर्सिंग स्टाफ हरेंद्र कौर को वार्ड से हटाकर इनके स्थान पर नर्सिंग स्टाफ सुमन महेंदीरत्ता को लगाया है।
प्रसूता ऊर्मिला के सिजेरियन प्रसव से बेटी हुई और वह अब सामान्य है। मृतक ऊर्मिला के ताऊ की लडक़ी सुनीता चिकित्सालय में नवजात को हाथों में लेकर बैठी थी और रो-रोक कर बुरा हाल था। वह पास में बैठी परिवार की महिला को कह रही थी कि अब इस बेटी को कौन संभालेगा। सुनीता ने बताया कि ऊर्मिला के पहले भी सिजेरियन प्रसव से बेटा हुआ था और उसके दिल में छेद की वजह से तीन माह बाद उसकी मृत्यु हो गई। अब दूबारा प्रसव हुआ तो खुद की मौत हो गई।
एक माह पहले मृतका ऊर्मिला की बहन कृष्णा देवी की प्रसव के दौरान बीकानेर में मौत हो गई थी। तब उसके लडक़ी हुई थी वह अब भी सामान्य है और उसके एक लडक़ा पहले भी है।

अब इन तीन बच्चों को कौन संभालेगा। एक माह में परिवार में दो बेटियों की मौत हो गई। सुनीता का आरोप था कि नर्सिंग स्टाफ मोबाइल पर लगी हुई थी और बार-बार कहने के बाद भी समय पर मरीज की देखभाल नहीं की गई। प्रसूता का भाई राजेंद्र का आरोप है कि नर्सिंग स्टाफ व डॉक्टर की लापरवाही से प्रसूता की मौत हो गई। समय पर डॉक्टर को बुला लिया जाता तो मरीज की मौत नहीं होती।
इस बीच मृतक प्रसूता ऊर्मिला के भाई गांव पन्नीवाला निवासी राजकुमार ने सदर पुलिस थाना में डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ के खिलाफ उपचार में लापरवाही और पैसे लेने सहित गंभीर आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। मृतका के गांव से पूर्व सरपंच प्रेम कुमार,अशोक कुमार,धर्मपाल,सुभाषचंद व सोहन लाल सहित काफी ग्रामीण चिकित्सालय पहुंच गए।

Updated On:
25 Aug 2019, 01:44:11 PM IST

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