सरकारी मेडिकल कॉलेज: जहां उपचार मिलेगा सस्ता और इलाके में आएगा राजस्व, रोजगार के खुलेंगे रास्ते

By: Surender Kumar Ojha

Published On:
Jul, 11 2019 02:20 PM IST

श्रीगंगानगर। इलाके में आखिर सरकारी मेडिकल कॉलेज बनने की राह खुल गई। सीएम अशोक गहलोत ने वित्त मंत्री के रूप में बजट भाषण में जिला मुख्यालय पर करीब छह साल से अधूरे पड़े इस मेडिकल कॉलेज का निर्माण सरकार की ओर से कराने की घोषणा की तो जिला मुख्यालय पर विभिन्न संगठनों ने इस पहल पर आतिशबाजी करते हुए खुशी का इजहार किया।

सूरतगढ़ मार्ग पर स्थित प्रस्तावित इस कॉलेज के आसपास भूखण्डों में अब फिर से बूम आने की उम्मीदें है। कॉलेज निर्माण के संबंध में राजस्थान पत्रिका ने इस मुद्दे को सबसे पहले उठाया था।

यह भी संयोग कि जब वर्ष 2012 में नर्सिग एसोसिएशन के एक कार्यक्रम में कांग्रेस के तत्कालीन नेता और अब मौजूदा निर्दलीय विधायक राजकुमार गौड़ ने मेडिकल कॉलेज खुलने की बात कही थी, उसके उपरांत पत्रिका ने प्राइवेट की बजाय सरकारी मेडिकल कॉलेज खोलने का आवाज उठाई।

यह आवाज आंदोलन के रूप में उठी। यही वजह रही कि दानदाता ने एक सौ करोड़ रुपए का चेक देकर इस राह को आगे बढ़ाया।
मेडिकल कॉलेज फायदा किसको
विद्यार्थी: श्रीगंगानगर में 150 एमबीबीएस की सीटों का मेडिकल कॉलेज की खुलने की आस बंधी। इससे हर साल 150 युवक युवतियां डॉक्टर बनते। चालीस से पचास लाख रुपए खर्च करने की जगह एक डॉक्टर बनने के लिए महज 2250 रूपए सालाना यानि पांच साल तक महज 11हजार 250 रुपए ही खर्च होते।
जनता: 400 बिस्तर का नया चिकित्सालय बनना भी था। इसके साथ मौजूदा चिकित्सालय के 350 बिस्तर जोडऩे पर इलाके के लोगों को आधुनिक चिकित्सा 750 बैड पर मिलने वाले थे। नया मेडिकल कॉलेज बनने से उपचार के लिए दिल्ली या जयपुर जैसे दूरदराज स्थानों पर नहीं जाना पड़ता।
रोजगार: जिला मुख्यालय पर होटल व्यवसाय को बढ़ावा मिलता। मेडिकल हब की तरह इलाका विकसित होता। नर्सिग की पढ़ाई करने वाले सैंकड़ों विद्यार्थियों को बेहतर प्रशिक्षण की सुविधा मिलती।
प्रोपर्टी: मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास के बाद आसपास कॉलोनियों में भूखण्डों के दाम एकाएक बढ़ गए थे, लेकिन अब यह मंदा पड़ गया है। यदि यह कॉलेज बनता है तो आसपास इलाके में प्रोपर्टी की एकाएक मांग बढ़ जाएगी।
राजस्व: इलाके में इस कॉलेज के बाद एकाएक रोगियों और उनके परिजनों की आवाजाही बढऩे से हर स्तर के धंधे में कमाई में इजाफा होता तो राजस्व की प्राप्ति होती।
राजनीति-इस कॉलेज के निर्माण से कांग्रेस को ऑक्सीजन मिलेगी। वहीं स्थानीय विधायक राजकुमार गौड़ का कद बढ़ेगा।

Published On:
Jul, 11 2019 02:20 PM IST

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