बीटेक में मैकेनिकिल इंजीनियरिंग नया ट्रेंड, कम्प्यूटर साइंस क्रेज घटा

Dhirendra Mishra

Publish: Sep, 14 2017 01:20:56 (IST)

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बीटेक की पढ़ाई में कंप्यूटर साइंस का जलवा घटना लगा है और उसकी जगह मैकेनिकल इंजीनियरिंग ने ले ली है।

अनिश्चिता का परिणाम 

कुछ साल पहले तक बीटेक में सबसे ज्यादा डिमांड किया जाने वाला ब्रांच कम्प्यूटर साइंस था। लेकिन इस साल से देशभर में इस ब्रांच में बीटेक के सीटों की संख्या में कटौती देखने को मिली है। 2013-14 में 16.3 लाख से घटकर इस साल सीटों की संख्या 14.7 लाख होने जा रही है। आईटी और सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री में अनिश्चितता के दौर में अब मैकेनिकल इंजीनियरिंग के प्रति छात्रों की दिलचस्पी बढ़ रही है।

सिविल-इलेक्ट्रिकल का भी के्रज बढ़ा
2013-14 में 25.44 फीसद छात्रों ने कम्प्यूटर साइंस चुना था, जबकि इस साल यह संख्या करीब 24 फीसद रही। पिछले चार सालों का आंकड़ा देखने पर पता चलता है कि मैकेनिकल इंजीनियरिंग छात्रों की पसंद के मामले में दूसरे नंबर पर रहा है। जहां पहले 20.22त्न छात्र इसे चुनते थे, वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर 21.6 फीसद हो गया है। सिविल व इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग जैसे कोर्स भी शीर्ष पर बने हुए हैं।

मैन्यूफैक्चरिंग इंडस्ट्री ने बढ़ाई मांग
विशेषज्ञों के अनुसार, मैकेनिकल इंजीनियरिंग बहुत संभावनाओं वाला ब्रांच है। मैकेनिकल इंजीनियरिंग करने के बाद छात्र कई तरह की कंपनियों व इंडस्ट्रीज से जुड़ सकते हैं, जबकि आईटी सेक्टर में अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। इस वजह से छात्र मैकेनिकल व इलेक्ट्रिकल में छात्र ज्यादा दिलचस्पी ले रहे हैं। मैकेनिकल इंजीनियरिंग की लोकप्रियता इसलिए बढ़ भी रही है, क्योंकि मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्रीज में इनकी जरूरत बढ़ रही है।

क्‍यूं घटा क्रेज
दरअसल कंप्‍यूटर साइंस में वर्ल्‍डवाइड प्रतिस्‍पर्धा ज्‍यादा है। सीएम में सबसे ज्‍यादा संख्‍या में छात्र बीटेक करते हैं। ऐसे में सभी छात्रों को लुक्रेटिव जॉब मिलना मुश्किल है। दूसरी तरफ बाजार में मैकेनिकल, सिविल और इलेक्ट्रिकल के क्षेत्र में अवसर पिछले कुछ वर्षों में अधिक पैदा हुए हैं। इससे इन ट्रेड्स में पढ़ाई करने वाले युवाओं की मांग बढ़ी है। इसका सीधा असर यह पड़ा है कि छात्र मैकेनिकल इजीनियरिंग को ज्‍यादा ऑप्‍ट करने लगे हैं।

Web Title "CS loosing credit more student opt machenical engeneering"