धान की सीधी बुवाई से समय, पानी, मजदूर एवं ईंधन की होगी बचत

By: Brijesh Chandra Sirmour

Published On:
Jun, 19 2019 07:00 AM IST

  • कठौतिया के कृषकों को दिया गया प्रशिक्षण

शहडोल. कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि अभियांत्रिकी वैज्ञानिक दीपक चौहान ने ग्राम कठोतिया में धान की सीधी बुवाई तकनीक के बारे में किसानों को विस्तार पूर्वक जानकारी दी। केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक सह प्रमुख डा. मृगेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित प्रशिक्षण में किसानों को बताया कि किसान अपने खेत में खरीफ के मौसम की धान को सूखी सीधे सीड ड्रिल से बुवाई कर सकता है एवं इसके लिये एक निश्चित गहराई पर बोनी करनी होगी। किसान इस विधि से बोनी करके समय पर बुवाई कर सकते हैं। इस विधि में अन्य विधियों की तुलना में बोनी में कम समय लगता है। जिससे समय की बचत होती है तथा सीधी बुवाई विधि में खेत में पानी भरकर नहीं रखना होता है। जिससे पानी की भी बचत होती है। इस विधि द्वारा बुवाई बरसात होने के पूर्व पूर्ण कर लेना चाहिए। किसान इस विधि को अपना कर खरीफ की धान की बुवाई कर सकते है एवं इस तकनीक के बारे में विस्तृत जानकारी लेने के लिए जिले के किसान कृषि विज्ञान केंद्र पर भी संपर्क कर सकते हैं। जिससे धान की सीधी बुवाई तकनीक अपनाने में कोई तकनिकी परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रशिक्षण में कार्यक्रम सहायक (कृषि वानिकी) भागवत प्रसाद पंद्रे ने किसानो को खेती के साथ वृक्षारोपण करने को कहा। जिससे किसान फलदार वृक्ष लगाकर अपनी आमदनी बड़ा सकते है। इस प्रशिक्षण में कृषक मित्र गुलाब सिंह जोधावत एवं गांव के कृषक सम्मिलित हुए।

Published On:
Jun, 19 2019 07:00 AM IST

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