अधर में लटका है क्रिकेट के लिए अलग स्टेडियम का मामला

एमपीसीए की टीम ने ग्राउंड की जमीन का किया था सर्वे, अभी सीमित साधनों में तैयार हो रहे है राष्ट्रीय व प्रदेश स्तर के खिलाड़ी, आदिवासी अंचल के खिलाडिय़ों को पृथक स्टेडियम व स्तरीय कोच जरूरी

शहडोल. जिले में राष्ट्रीय व प्रदेश स्तर पर जिस प्रकार से क्रिकेट खिलाड़ी तैयार हो रहे हैं, उससे अब संभागीय मुख्यालय में अब राष्ट्रीय मानक का पृथक से क्रिकेट स्टेडियम की जरूरत महसूस की जा रही है। इसके लिए काफी प्रयासों के बाद मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन की एक टीम ने पिछले वर्ष संभागीय मुख्यालय में कुछ स्थानों का सर्वे कर एक रिपोर्ट तैयार की थी, मगर इस रिपोर्ट पर अभी तक आगे कोई कार्रवाई नहीं की गई है और मामला भोपाल मुख्यालय में अभी तक अटका हुआ है। गौरतलब है कि प्रदेश में दस संभाग में महज शहडोल व उज्जैन को छोडकऱ शेष सभी आठों संभागों में राष्ट्रीय मानक के पृथक से क्रिकेट स्टेडियम की सुविधा उपलब्ध है। संभागीय मुख्यालय में स्तरीय स्टेडियम व कोच के अभाव में उभरते क्रिकेट खिलाडिय़ों को आगे बढऩे में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। वह सीमीत संसाधनों में राष्ट्रीय व प्रदेश स्तर के सेमीफाइनल व फाइनल मैचों में अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन नहीं कर पा रहे है।
इन स्थानो पर हुआ था सर्वे
संभागीय क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील खरे गुड्डू ने बताया है कि संभागीय मुख्यालय में एमपीसीए की टीम ने समीपी ग्राम छतवई, पचगांव, जमुई और अमिलिहा में जमीन देखी थी और इसी में किसी एक जमीन को फाइनल कर आगे की कार्रवाई की जानी थी, मगर मामला अभी तक भोपाल मुख्यालय में अटका हुआ है।
इन सुविधाओं के लिए जरूरी है नया स्टेडियम
क्रिकेट खिलाडिय़ो के लिए एक अच्छे शेड में पवेलियन के साथ डे्रसिंग व चेंजिंग रूम की महिला व पुरूष के लिए अलग-अलग जरूरत होती है। इसके अलावा दर्शकों के लिए स्तरीय बैठक व्यवस्था, कमेन्ट्री व भोजन कक्ष भी जरूरी है।
रणजी स्तर के कोच की जरूरत
संभागीय मुख्यालय के गांधी स्टेडियम में महज एक कोच के भरोसे क्रिकेट खिलाडिय़ों को तैयार किया जा रहा है। जिससे खिलाडिय़ों की पूरी प्रतिभा का निखारने में काफी दिक्कतें आती है। जानकारोंं का कहना है कि क्रिकेट की बारीकियों को समझाने के लिए रणजी स्तर के कोच की सख्त जरूरत है, ताकि खिलाड़ी बारीकियों को समझकर सेमीफाइनल व फाइनल मैचों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सके।
सीमीत संसाधनों में बने स्तरीय खिलाड़ी
सीमीत संसाधनों के बावजूद भी राष्ट्रीय व प्रदेश स्तर पर ंसंभाग के कई खिलाडिय़ों ने अपना परचम लहराया है। स्तरीय खिलाडिय़ों में इंडिया टीम में पूजा वस्त्रकार, ग्रीन इंडिया टीम में पूनम सोनी, एमपी टीम में शशिकला, संस्कृति, मुस्कान, रीना यादव, मेघा, संकेत श्रीवास्तव, अक्षत रघुवंशी, शिवम द्विवेदी शिब्बू, शिवम द्विवेदी, सूरज वशिष्ट, लखन पटेल, अपूर्व द्विवेदी, सेन मसीह, रोशन केवट, मासूम रजा, यतेन्द्र मोहन, कार्तिक सिंह,हर्षित द्विवेदी और अक्षत द्विवेदी शामिल है। इसके अलावा रणजी ट्राफी में हिमांशु मंत्री व कुमार कार्तिकेय खेल रहे है।

brijesh sirmour Reporting
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Web Title: The matter of a separate stadium for cricket is hanging
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