महंगी होटलों में भी चल रहे एलपीजी के लाल सिलेण्डर

By: Sunil Vandewar

Updated On:
18 Aug 2019, 12:31:07 PM IST

  • खाद्य विभाग, प्रशासनिक अमला नहीं दे रहा ध्यान

सिवनी. विभागीय निर्देश के बाद खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को परखने के लिए जिले में अभियान चल रहा है, जबकि दूसरी तरफ उन्हीं दुकानों में घरेलू सिलेण्डर का व्यवसायिक उपयोग किए जाने के मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। हालांकि दोनों कार्रवाई के लिए अलग-अलग विभाग हैं, लेकिन नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को इस ओर भी जांच, कार्रवाई करानी चाहिए।
प्रतिबंध के बाद भी होटलों, चाय-नास्ते की छोटी-बड़ी दुकानों में धड़ल्ले से घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग किया जा रहा है। शहर के अधिकांश होटल, रेस्टोरेंट और नाश्ते के ठेलों पर घरेलू सिलेंडर का उपयोग हो रहा है। जो कभी भी किसी बड़े खतरे का कारण बन सका है। खास है कि संबंधित अधिकारी इसकी रोकथाम के लिए कोई पहल नहीं कर रहा है।
होटल व चाय-नास्ता के संचालक उपयोग के वक्त सिलेंडरों को छुपाकर रखते हंै, ताकि कोई देख न सके। कुछ दुकानदार तो गहरे लाल रंग के घरेलू गैस सिलेण्डर को छुपाते भी नहीं है और ऐसे होटलों पर संबंधित विभाग के अधिकारी, कर्मचारी भी चाय-नास्ता करते देखे जा सकते हैं।
गौरतलब है कि कार्रवाई के डर से होटल संचालक एक खाली व्यावसायिक सिलेंडर बाहर रखते हैं। वहीं किचन में घरेलू सिलेंडर ही इस्तेमाल करते हैं। इसके बावजूद संबंधित विभाग द्वारा पिछले एक साल से घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग करने वाले होटल मालिक और ठेले वालों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इस कारण होटल संचालक, गुमटी वालों में कोई डर नहीं है। कई लोग कपड़े, बोरी से ढंककर तो कोई खुलेआम घरेलू सिलेंडर का उपयोग कर रहे हैं। इसके पीछे व्यावसायिक और घरेलू सिलेंडर के भाव में अंतर को कारण बताया जा रहा है। व्यावसायिक सिलेंडर महंगा होने के कारण लोग उसे नहीं खरीद रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कुछ होटल संचालक गैस एजेंसी व डिलेवरी करने वाले वाहन चालकों के साथ मिलीभगत कर अवैध कारोबार कर रहे हैं। एक कॉमर्शियल सिलेंडर की दर पर होटल संचालक तीन घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग कर रहे हैं। वहीं दुकान के सामने खुलेआम इसके उपयोग पर खाद्य विभाग प्रतिबंध नहीं लगा पा रहा है।
कॉमर्शियल सिलेंडर में लगभग 19 किलो गैस रहती है, जबकि घरेलू गैस सिलेंडर में 14 किलो के आसपास रहती है। कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत बाजार में लगभग 1800 रुपए है वहीं बिना सब्सिडी के घरेलू गैस सिलेंडर वर्तमान में लगभग छह रुपए के करीब है। घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत कम होने के कारण शहर व ग्राम क्षेत्रों के चाय-पान ठेले, फुटकर नास्ता वाले व होटल संचालक इसका उपयोग धड़ल्ले से कर रहे हैं। गैस एजेंसी व घरेलू गैस सिलेंडर पहुंचाने वाले डिलवरी वाहन चालकों की मिलीभगत से होटल वाले खुलेआम सिलेंडर का अवैध कारोबार कर रहे हैं जिसकी भनक खाद्य विभाग को भी नही है।
शहर समेत जिले के अन्य ग्राम क्षेत्रों में गोपालगंज, केवलारी, छपारा, उगली, कान्हीवाड़ा आदि जगहों पर छोटे-बड़े होटल, चाय-नास्ते के दुकानदार धड़ल्ले से घरेलू गैस सिलेण्डर का उपयोग करते नजर आ रहे हैं।
खाद्य सामग्री की हो रही जांच -
खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम द्वारा सतत रूप से खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण एवं नमूना संग्रहण कार्यवाही की जा रही है। अधिकारियों ने आमजनों से कहा है कि वे केवल लाइसेंस धारक विक्रेताओं से ही खाद्य सामग्री का क्रय करें तथा खुले में रखी खाद्य सामग्री न खरीदे। सामग्री क्रय करते समय भौतिक रूप से यह जांच कर लें कि वह सामग्री दूषित तो नही है।

Updated On:
18 Aug 2019, 12:31:07 PM IST

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