एक माह से आइशोलेशन वार्ड का शौचालय बंद, कायाकल्प के नाम पर मरीजों की अनदेखी

By: Santosh Dubey

Updated On:
25 Aug 2019, 06:25:14 PM IST

  • दूसरे वार्डों में शौच के लिए जा रहे मरीज

सिवनी. एक ओर जहां कलेक्टर जिला अस्पताल की कायाकल्प, मरीजों को समुचित व्यवस्था मिल सके इस कार्य में लगे हैं, वहीं कुछ लापरवाहों के द्वारा समय पर आइशोलेशन वार्ड में एक माह से बंद पड़े शौचालय को अभी तक शुरू नहीं किया जा सका है।
वर्तमान में जहां उल्टी-दस्त के मरीज भर्ती रहते हैं उन्हें दूसरे वार्डों में शौच करने जाना पड़ रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि आइशोलेशन जैसे महत्वपूर्ण वार्ड में एक माह से शौचालय बंद पड़ा है। मरीज को यहां हो रही सबसे ज्यादा परेशानी का ध्यान किसी भी जिम्मेदार को नहीं है।
आइशोलेशन वार्ड में उल्टी-दस्त के मरीज ज्यादा भर्ती होते हैं। मौसम में हो रहे परिवर्तन के चलते कै-दस्त के मरीजों की संख्या में भी काफी इजाफा हुआ है। वार्ड में 24 पलंग में जहां मरीज भर्ती हैं वहीं अधिक मरीज होने पर उल्टी-दस्त के मरीजों को जमीन में गद्दे बिछाकर उनका उपचार किया जा रहा है। अगस्त माह में अभी तक आइशोलेशन वार्ड में लगभग 300 मरीज भर्ती हो चुके हैं। ऐसे में पिछले एक माह से यहां का शौचालय पूर्णत: बंद करके यहां निर्माण कार्य कराया जा रहा है, इसके साथ ही यहां मरीजों के लिए किसी भी प्रकार की कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई है।
दूसरे वार्डों में शौच की व्यवस्था
आइशोलेशन वार्ड में भर्ती मरीजों को शौच के लिए मेल/फीमेल सर्जिकल, मेडिकल वार्डों में ले जाया जाता है। बीमारी के चते अत्यधिक कमजोरी के शिकार मरीजों को काफी दिक्कतो के साथ उनके परिजन रात-दिन दूसरे वार्डों में शौच कराने ले जाते हैं। वहीं दूसरे वार्डों में भी काफी ज्यादा मरीज होने और वहां के शौचालय में दूसरे मरीजों के रहने के कारण दस्त से पस्त मरीज की समस्या ओर भी बढ़ जाती है।
बन रहे हैं 10 शौचालय
जिला चिकित्सालय के अनेक वार्डों में खराब हो चुके शौचालयों का जीर्णोद्वार कार्य जारी है। 20 जून 2019 को शौचालय बनाए जाने के कार्य आदेश जारी हुए थे। उक्त शौचालयों को छह माह में पूर्ण करना है। ऐसे में आइशोलेशन वार्ड के मरीजों को एक माह से बंद शौचालय के कारण खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं कुछ लोगों ने बताया कि शौचालय तो बन गया है लेकिन दरवाजे की फिटिंग गड़बड़ होने के कारण काम रुका पड़ा है।
बरामदे में फैल रही गंदगी
वार्ड में भर्ती मरीजों के लिए वैसे तो पलंग में ही शौच की व्यवस्था ड्यूटीरत सफाई कर्मी की होती है लेकिन अधिक संख्या में भर्ती मरीजों के कारण यह व्यवस्था भी विफल हो जाती है। शौचालय नहीं होने के कारण मरीज वार्ड के बरामदे में ही शौच कर गंदगी फैला रहा है। जिसकी भी नियमित रूप से साफ-सफाई नहीं हो पा रही है।
सिर्फ कायाकल्प पर ही ध्यान
यहां उपचार कराने पहुंच रहे मरीजों व उनके परिजनों का कहना है कि मरीज का सीधा संबंध डॉक्टर, दवाओं और अस्पताल में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं से है लेकिन पिछले कुछ दिनों से यहां अस्पताल भवन की कायाकल्प के नाम पर यहां चहुंओर निर्माण कार्य हो रहा है। ऐसे में सबसे ज्यादा दिक्कते मरीजों को उठानी पड़ रही है। मरीजों ने वार्ड में शीघ्र ही वैकल्पिक व्यवस्था, सफाई कर्मी की मौजूदगी और वार्ड व बरामदे में समुचित साफ-सफाई की मांग शासन-प्रशासन से की है।

इनका कहना है
शौचालय अभी तक क्यों नहीं बना इस विषय में पीडब्ल्यूडी विभाग वाले ही बता पाएंगे। मरीज की व्यवस्था के लिए वार्ड में सफाई कर्मी रहते हैं। फिर भी देखता हूं।
डॉ. वीके नावकर, सिविल सर्जन, सिवनी।
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जिला अस्पताल में 10 शौचालयों का निर्माण कार्य किया जाना है। आइशोलेशन वार्ड का शौचालय शीघ्र ही पूर्ण कर दिया जाएगा।
दीप्ति, इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी
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इनका कहना है
दो-तीन दिन में हम उक्त शौचालय को प्रमुखता से पूर्ण कर देंगे।
केपी लखेरा, कार्यपालन यंत्री, पीडब्ल्यूडी

Updated On:
25 Aug 2019, 06:25:14 PM IST

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