आपके मोबाइल की स्क्रीन पर पनप रहा है ये खतरनाक बैक्टीरिया, ले सकता है जान तक

By: Vineet Singh

Published On:
Sep, 07 2018 02:18 PM IST

  • नॉटिंघम की रिसर्च के अनुसार, मोबाइल की स्क्रीन पर कई तरह के खतरनाक बेक्टीरिया पनपते हैं जो सेहत को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा रहे हैं। तो आगे से आप भी मोबाइल से थोड़ी दूरी बनाकर रखें तो सेहत को फायदा होगा।

नई दिल्ली: अगर आप ये सोचते हैं कि टायलेट की सीट ही सबसे गंदी जगह है तो आप गलत है। जिस मोबाइल पर आप रात दिन उंगलियां फिराते हैं, वो टायलेट सीट से भी ज्यादा गंदा है। जी हां, आपको शायद ये बात सच न लगे लेकिन यूनिवर्सिटी ऑफ नॉटिंघम की रिसर्च के अनुसार, मोबाइल की स्क्रीन पर कई तरह के खतरनाक बेक्टीरिया पनपते हैं जो सेहत को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा रहे हैं। तो आगे से आप भी मोबाइल से थोड़ी दूरी बनाकर रखें तो सेहत को फायदा होगा।

इतना ही नहीं यूनिवर्सिटी ऑफ नॉटिंघम की रिसर्च एयरपोर्ट पर इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक सिक्योरिटी ट्रे किसी भी पब्लिक टॉयलेट के मुकाबले कई गुना ज्यादा गंदे होते हैं। इन ट्रे के इस्तेमाल से इंसान को कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं। रिसर्च में यह बात सामने आई है कि इन ट्रे में इतने ज्यादा वायरस होते हैं कि यह किसी को भी सर्दी-जुखाम, निमोनिया और ब्लैडर इंफेक्शन जैसी बीमारियों से ग्रसित कर सकते हैं।

मोबाइल फोन, जिसे आप शान से जेब में रखकर घूमते हैं और अक्सर कान से लगाए रखते हैं वो टॉयलेट की सीट से भी ज्यादा गंदे हैं। दरअसल वैज्ञानिकों ने सूक्ष्मजीवों की ऐसी तीन नई प्रजातियों की पहचान की है, जो मोबाइल फोनों पर पनपते हैं। कुछ स्मार्ट फोनों पर तो ऐसे बैक्टीरिया पाए जाते हैं, जिनपर दवाओं का असर ही नहीं होता। साल 2015 में यूनिवर्सिटी ऑफ सदर्न कैलिफर्निया में मॉलिक्यूलर माइक्रोबायॉलजी ऐंड इम्यूनॉलजी डिपार्टमेंट के एक अध्ययन में पाया गया था कि टॉयलेट की सीट पर 3 तरह के बैक्टीरिया पाए जाते हैं जबकि मोबाइल फोन पर औसतन 10-12 विभिन्न तरह के फंगस और बैक्टीरिया पाए जाते हैं।

याद रखें कि दफ्तर में जिस टी बैग को चाय बनाने के लिए इस्तेमाल करते हैं वो भी बैक्टीरिया की खान है। ब्रिटिश संस्था 'इनिशल वॉशरूम हाइजीन' ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि टी बैग वाली चाय में टॉइलट सीट से 17 गुना ज्यादा बैक्टीरिया होते हैं। अधिकतर ऑफिसों में टी बैग वाली चाय होती है क्योंकि ऑफिसों के लिहाज से वह ज्यादा सुविधाजनक होती है। मगर इस रिपोर्ट के मुताबिक, एक टॉइलट सीट पर जहां 220 बैक्टीरिया होते हैं, वहीं एक ऑफिस टी बैग पर 3,785 बैक्टीरिया पाए जाते हैं।

आपको ये भी बतां दे कि सफाई के लिहाज से रसोई में रखा गया कपड़ा बहुत ज्यादा बैक्टीरिया फैलाता है। एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि टी टावल यानी किचन में इस्तेमाल होने वाले कपड़े में ई-कोलाइ बैक्टीरिया पाया जाता है जिससे फूड पॉइजनिंग होने का खतरा रहता है। एक नई रिसर्च में यह बात सामने आयी है कि किचन में बार-बार एक ही कपड़े का इस्तेमाल करने से परिवार के सदस्यों को फूड पॉइजनिंग का खतरा रहता है। यानी इस कपड़े से सफाई करें लेकिन खुद इसकी भी जल्द जल्द सफाई जरूरी है।

Published On:
Sep, 07 2018 02:18 PM IST