वैज्ञानिकों को मिल गया नया एंटीबायोटिक, अब काबू में आएगी बड़ी से बड़ी बीमारी

By: Vineeta Vashisth

Published On:
Sep, 11 2018 03:05 PM IST

  • चीन के शोधकर्ताओं के एक दल ने एक एंटीबायोटिक की संभावनाओं वाले एक कवक सामग्री को खोजने में सफलता हासिल की है।

नई दिल्ली: रोज नित नई बीमारी और महामारियों के चलते पस्त हो चुकी दुनिया के लिए राहत भरी खबर है कि एक नए एंटीबायोटिक की खोज कर ली गई है। जी हां, चीन के शोधकर्ताओं के एक दल ने एक एंटीबायोटिक की संभावनाओं वाले एक कवक सामग्री को खोजने में सफलता हासिल की है। शोधकर्ताओं का कहना है कि इसे प्रयोगशाला में बनाया जा सकता है।

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इस शोध को हाल में 'नेचर कम्युनिकेशन' नामक पत्रिका में प्रकाशित किया गया है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, दुनिया भर के स्वास्थ्य संगठन एंटीबायोटिक के इस्तेमाल करने की कोशिश में जुटे है। ऐसा इसलिए है क्योंकि एंटीबायोटिक के ज्यादा इस्तेमाल से हाल के सालों में ये काफी कम प्रभावी हो गए हैं और सुपरबग सामने आए हैं।

सुपरबग बैक्टीरिया का स्ट्रेन है, जो कई प्रकार के एंटीबायोटिक के प्रति प्रतिरोधकता पैदा कर लेते हैं. इस बीच शोधकर्ता नए एंटीबायोटिक खोजने की कोशिश में जुटे हुए हैं। चीन के चोंगकिंग विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं की अगुवाई वाले एक दल ने एल्बोमाइसिन संश्लेषित करने के लिए एक तकनीक विकसित की है।

एल्बोमाइसिन कवक यौगिकों का एक समूह है, जिसके एंटीमाइक्रोबियल (सूक्ष्मजीवरोधी) गुण की पुष्टि पहले हो चुकी है. शोध के लेखकों का कहना है कि यह तत्व को पर्याप्त मात्रा में प्राप्त कर इसकी एंटीबायोटिक क्रियाविधि की जांच करने की अनुमति दी जा सकती है।

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शोध के प्रमुख लेखक यू हे ने साफ तौर पर कहा कि वो जिस पद्धति का इस्तेमाल करते हैं, उससे कुशलतापूर्वक आसानी से एल्बोमाइसिन तत्व संश्लेषित हो सकता है और शुरुआती जानवर लैब की प्रयोगशालाओं की जांच में पता चला है कि ये पदार्थ सुरक्षित हैं, लेकिन इसकी सुरक्षा को लेकर जरूरी शोध जारी रखा जाएगा।

Published On:
Sep, 11 2018 03:05 PM IST