बजट में अस्पताल क्रमोन्नति की सौगात

By: Rajeev Pachauri

Published On:
Jul, 11 2019 08:49 PM IST

  • गंगापुरसिटी . राज्य की कांगे्रस सरकार के बजट ने गंगापुरसिटी को चिकित्सा के क्षेत्र में सौगात दी है। मुख्यमंत्री की ओर से बुधवार को पेश किए बजट में राजकीय चिकित्सालय को क्रमोन्नत करने की घोषणा की है। अस्पताल के क्रमोन्नत होने से उपखंड मुख्यालय पर चिकित्सालय में पलंग व स्टाफ बढऩे से चिकित्सकीय सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी। इससे लोगों को उपचार कराने में सहूलियत मिलेगी।

गंगापुरसिटी . राज्य की कांगे्रस सरकार के बजट ने गंगापुरसिटी को चिकित्सा के क्षेत्र में सौगात दी है। मुख्यमंत्री की ओर से बुधवार को पेश किए बजट में राजकीय चिकित्सालय को क्रमोन्नत करने की घोषणा की है। अस्पताल के क्रमोन्नत होने से उपखंड मुख्यालय पर चिकित्सालय में पलंग व स्टाफ बढऩे से चिकित्सकीय सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी। इससे लोगों को उपचार कराने में सहूलियत मिलेगी।


वर्तमान में यहां का उप जिला स्तरीय चिकित्सालय संचालित है। फिलहाल अस्पताल में १५० पलंग स्वीकृत हैं और २९ चिकित्सक कार्यरत हैं। अस्पताल के क्रमोन्नत होने से जिला स्तर पर मिलने वाली चिकित्सकीय सुविधा मिल सकेगी। पलंगों की संख्या में वृद्धि के साथ डॉक्टर, नर्सेज व अन्य स्टाफ की संख्या भी बढ़ेगी। स्टाफ बढऩे से जहां मरीजों को लाभ होगा। वहीं अस्पताल प्रशासन को भी व्यवस्थाओं के संचालन में सुविधा रहेगी। उम्मीद है कि एमसीएच सेन्टर सहित अन्य सुविधा भी शुरू हो सकेंगी।


डेढ़ हजार तक ओपीडी


स्थानीय अस्पताल में हमेशा रोगियों का दबाव रहता है। वर्ष भर रोज एक से लेकर डेढ़ हजार तक ओपीडी रहती है। इसके चलते मरीजों को चिकित्सकों को दिखाने व दवा लेने के लिए कतार में इंतजार करना पड़ता है। यहां के अस्पताल में उपखंड क्षेत्र के अलावा करौली जिले के सपोटरा, कुडग़ांव एवं नादौती आदि स्थानों से भी रोगी आते हैं। इससे रोगियों की अधिकता रहती है। लैब में भी जांच का दबाव बढ़ता है। अब अस्पताल के क्रमोन्नत होने से सुविधाओं में विस्तार से लोगों को राहत मिलेगी। रैफर मरीजों की संख्या में भी कमी आएगी।

 

स्टाफ का टोटा, भवन भी अपर्याप्त


राज्य सरकार ने भले ही अस्पताल को क्रमोन्नत करने की सौगात दे दी हो, लेकिन ओपीडी के लिहाज से न तो यहां पर्याप्त स्टाफ है और न ही भवन। गंगापुर के अस्पताल को पूर्व में अपग्रेडेड सीएचसी बनाया गया था। उस समय इसे 100 बेड का अस्पताल किया गया था। इसके बाद क्रमोन्नत कर इसे 150 बेड का अस्पताल बना दिया, लेकिन अब तक यह उसी भवन में संचालित हो रहा है। अब क्रमोन्नति के बाद अस्पताल में फिर से बेड़ बढऩे की संभावना है, लेकिन हकीकत यह है कि भवन में अब भी डेढ़ सौ बेड बिछाने लायक जगह नहीं है। ऐसे में यदि और बेड बढ़ते हैं तो भवन की कमी खूब खलेगी। वर्तमान में नर्सिंग स्टाफ करीब 40 का है, लेकिन हर रोज करीब 1500 की ओपीडी और लगभग 150 का इनडोर रहने के कारण स्टाफ की कमी महसूस होती है।


यह हैं वार्ड
मेडिकल वार्ड, सर्जिकल वार्ड, चिल्ड्रन वार्ड, एसएनसीयू वार्ड, लेबर रूम, जेएसवाई वार्ड, इमरजेंसी वार्ड एवं पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड।
भवन में संचालित होने वाले विभाग
ओपीडी, इमरजेंसी, लेबोरेट्री, ब्लड बैंक, स्टोर एवं एक्सरे।


सुविधाएं बढ़ेंगी
अस्पताल क्रमोन्नत होने से पलंगों की संख्या में इजाफा होने के साथ स्टाफ में भी बढ़ोतरी होगी। इससे क्षेत्र के लोगों को लाभ होगा। मदर चाइल्ड हेल्थ सेन्टर भी शुरू हो सकता है।
- डॉ. जी. बी. सिंह, पीएमओ, गंगापुरसिटी।

Published On:
Jul, 11 2019 08:49 PM IST

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