अवैध बजरी खनन से बही भ्रष्टाचार की गंगा

By: Rakesh Verma

Updated On:
11 Jul 2019, 01:39:06 PM IST

  • अवैध बजरी खनन से बही भ्रष्टाचार की गंगा

सवाईमाधोपुर. राज्य बजट में सीएम अशोक गहलोत ने जिले की प्रमुख मांगों रोजगार, पानी, चिकित्सा के साथ बजरी खनन पर रोक लगाने को लेकर घोषणाएं की। बजट में बजरी का मुद्दा भी प्रमुख रूप से चर्चा में रहा है। मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में न्यायालय के आदेशों से बजरी खनन पर प्रतिबंध है। इस समय ऐसी परिस्थितियां पैदा हो गई हैं, जिसके कारण अवैध बजरी खनन बढ़ गया है। इससे राज्य में बजरी माफिया पनप गए हैं। आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने भी खनन रोकने की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की। बजरी खनन से भ्रष्टाचार बढ़ा है। भ्रष्टाचार की इस बहती गंगा में ईमानदार लोग भी भ्रष्ट हो गए हैं। यह गंगा किसने बहायी। यह जांच का विषय है। उम्मीद है इस समस्या का न्यायालय से समाधान होगा। तब तक बाजार में बजरी उपलब्ध रहे, इसके लिए तात्कालिक सामाधान ढूंढने के साथ दीर्घकालीन विकल्प के रूप में मेनुफेक्चर्ड सेंड को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान एम सेंट नीति लाई जाएगी।


गंगापुरसिटी अस्पताल को क्रमोन्नति का तोहफा
गंगापुरसिटी. राज्य की कांगे्रस सरकार के बजट ने गंगापुरसिटी को चिकित्सा के क्षेत्र में सौगात दी है। मुख्यमंत्री की ओर से बुधवार को पेश किए बजट में राजकीय चिकित्सालय को क्रमोन्नत करने की घोषणा की है। अस्पताल के क्रमोन्नत होने से उपखंड मुख्यालय पर चिकित्सालय में पलंग व स्टाफ बढऩे से चिकित्सकीय सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी। इससे लोगों को उपचार कराने में सहूलियत मिलेगी।
वर्तमान में यहां का उप जिला स्तरीय चिकित्सालय संचालित है। फिलहाल अस्पताल में 150 पलंग स्वीकृत हैं और 29 चिकित्सक कार्यरत हैं। अस्पताल के क्रमोन्नत होने से जिला स्तर पर मिलने वाली चिकित्सकीय सुविधा मिल सकेगी। पलंगों की संख्या में वृद्धि के साथ डॉक्टर, नर्सेज व अन्य स्टाफ की संख्या भी बढ़ेगी। स्टाफ बढऩे से जहां मरीजों को लाभ होगा। वहीं अस्पताल प्रशासन को भी व्यवस्थाओं के संचालन में सुविधा रहेगी। उम्मीद है कि एमसीएच सेन्टर सहित अन्य सुविधा भी शुरू हो सकेंगी।


डेढ़ हजार तक ओपीडी
स्थानीय अस्पताल में हमेशा रोगियों का दबाव रहता है। वर्ष भर रोज एक से लेकर डेढ़ हजार तक ओपीडी रहती है। इसके चलते मरीजों को चिकित्सकों को दिखाने व दवा लेने के लिए कतार में इंतजार करना पड़ता है। यहां के अस्पताल में उपखंड क्षेत्र के अलावा करौली जिले के सपोटरा, कुडग़ांव एवं नादौती आदि स्थानों से भी रोगी आते हैं। लैब में भी जांच का दबाव बढ़ता है। नर्सिंग स्टाफ 40 है। अब अस्पताल के क्रमोन्नत होने से सुविधाओं में विस्तार से लोगों को राहत मिलेगी।


जिले को क्या-क्या मिली सौगातें
ईसरदा डेम योजना के तहत बौंली, चौथकाबरवाड़ा के कई गांवों को लाभ।
रणथम्भौर के बाघों की संरक्षण व संवर्धन की घोषणा।
जिले में नए औद्योगिक क्षेत्रों का विकास होगा।
ईस्टर्न कैनाल परियोजना को राष्ट्रीय प्रोजेक्ट का दर्जा दिलाएंगे। ये इसकी लागत 37 हजार करोड़ से अधिक है।
जिले में अभय कमांड कन्ट्रोल सेंटर में कैमरों की संख्या बढ़ेगी।
सिंचाई सुविधाओं के विकास योजना में सवाईमाधोपुर सहित 21 जिले शामिल।
गंगापुरसिटी अस्पताल को किया क्रमोन्नत।
आवारा पशुओं के लिए प्रत्येक पंचायत समिति में नंदी गोशाला खुलेगी।
कृषि जागरूकता के लिए कृषि खण्ड स्तर पर कृषि ज्ञान धारा कार्यक्रम होंगे।
बूंद-बूंद व फव्वारा सिंचाई में आधुनिक तकनीकी का इस्तेमाल होगा।


ई-मित्र प्लस मशीनें लगेंगी
इस वर्ष एक हजार से अधिक आबादी के समस्त राजस्व गांवों में छह हजार नए ई-मित्र केन्द्र खोले जाएंगे। साथ ही सभी 33 जिलों में, 331 तहसीलों एवं 180 उपतहसील मुख्यालयों में ई-मित्र प्लस मशीनों की स्थापना कार्यालय परिसर में की जाएगी।


अस्पताल क्रमोन्नत होने से पलंगों की संख्या में इजाफा होने के साथ स्टाफ में भी बढ़ोतरी होगी। इससे क्षेत्र के लोगों को लाभ होगा। मदर चाइल्ड हेल्थ सेन्टर भी शुरू हो सकता है।
डॉ. जी. बी. सिंह, पीएमओ, गंगापुरसिटी

Updated On:
11 Jul 2019, 01:39:06 PM IST

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