इन राशि के लिए शुभ है चंद्रग्रहण, 149 वर्ष बाद आए योग का जाने राशियों पर प्रभाव

By: suresh mishra

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Published: 16 Jul 2019, 04:18 PM IST

Satna, Satna, Madhya Pradesh, India

सतना। आज गूरुपूर्णिमा (16 जुलाई) को होने वाला चंद्रग्रहण मध्य रात्रि 01 बजकर 32 मिनट से प्रारंभ होगा। रेलवे टाइम टेबल के अनुसार तब 17 जुलाई प्रारंभ हो जाएगी, क्योंकि रात्रि बारह बजे से तारीख बदल जाती है। भारतीय ज्योतिष का पंचांग चूंकि सूर्योदय को दिन बदलने का आधार मानता है इसलिए इसे 16 जुलाई यानी मंगलवार के दिन (गुरु पूर्णिमा) की रात्रि को होने वाला चंद्रगहण कहा जाएगा। सुविधा की दृष्टि से यों कह सकते हैं कि 16/17 जुलाई की मध्यरात्रि 01 बजकर 32 मिनट से ग्रहण प्रारंभ होकर इसका मध्य यानी मिडिल, मध्यरात्रि 2 बजकर 48 मिनट पर और मोक्ष मध्यरात्रि 4 बजकर 30 मिनट पर होगा। तात्पर्य यह है कि इस खंडग्रास चंद्रगहण की आरंभ/मध्य/मोक्ष तीनों ही अवस्थाएं मध्यरात्रि मेें ही होंगी।

वैज्ञानिक दृष्टि से तो चंद्रग्रहण एक खगोलीय घटना है अर्थात् जब भी सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है तो चंद्रग्रहण होता है क्योंकि सूर्य का प्रकाश चंद्रमा को नहीं मिल पाता है। पृथ्वी का परदा चंद्रमा के आड़े आता है। ऐसी स्थिति में चंद्रमा प्रकाशहीन हो जाता है यानी उसे ग्रहण लग जाता है। लेकिन चंद्रग्रहण की इस खगोलीय घटना का ज्योतिषीय पक्ष भी है। हम यों कह सकते हैं कि आकाश में होने वाली चंद्रग्रहण की यह घटना धरती और उसके निवासियों को भी प्रभावित करती हैं। गुरुपूर्णिमा पर या सरलता से समझने की दृष्टि से यों कहें कि 16/17 जुलाई की मध्यरात्रि होने वाला यह चंद्रगहण चूंकि भारतवर्ष में दिखाई देगा और लगभग तीन घंटे तक रहेगा इसलिए इसका व्यक्तियों/प्रांतों और संपूर्ण भारत पर प्रभाव रहेगा। यह प्रभाव लगभग 90 दिनों तक रहेगा। सबसे पहले हम विभिन्न राशियो पर इस खंडग्रास चंद्रग्रहण का पडऩे वाला प्रभाव एक मॉडल के रूप में चार्ट से प्रस्तुत करेंगे ताकि प्रथम वाचन में ही ज्ञात हो जाए फिर क्रमश: थोड़ा विस्तार से बताएंगे।

ग्रहण धनु राशि पर लग रहा है। 149 वर्ष बाद आए योग का राशियों पर प्रभाव जाने

- मेष: सम्मानवृद्धि, परीक्षा में सफलता, पदवृद्धि, विवाह की संभावना, अच्छी यात्रा।
- वृष: नया पद या जिम्मेदारी मिलेगी किंतु स्वास्थ्य कष्ट अत: अन्न-वस्त्र दान करें।
- मिथुन: मान बढ़ेगा किंतु जिम्मेदारियों के कारण व्यय बढ़ेगा। नेत्रकष्ट।
- कर्क: बहुत शुभ समाचार मिलेंगे। लाभ के अवसर आएंगे। विजय।
- सिंह: संस्थान, समाज में साख बढ़ेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा पर परिश्रम ज्यादा करना पड़ेगा। तुलसी के पौधे को पानी दें।
- कन्या: रुका पैसा आएगा। भूमि-भवन-किराए का लाभ।
- तुला: मुकदमें में जीत। धन लाभ। संतान प्राप्ति।
- वृश्चिक: सम्मान में वृद्धि। साख बढ़ेगी। किसी पद का ऑफर। परीक्षा में सफलता।
- धनु: स्वास्थ्य संबंधी कष्ट क्योंकि धनुराशि में ही ग्रहण है। खान-पान में सावधानी रखें। पक्षियों को दाना डालें। पौधे लगाएं। पारिवारिक कलह व क्रोध पर नियंत्रण रखें।
- मकर: मानसिक अशांति और स्वास्थ्य कष्ट, अन्नदान करें और पौधा लगाएं।
- कुंभ: श्रेष्ठतम है यह चंद्रगहण। मानसिक, आर्थिक शांति यानी सुख चैन रहेगा।
- मीन: धनवृद्धि। प्रमोशन। पदवृद्धि के साथ स्थानांतरण होगा किंतु अच्छा रहेगा।

और कुछ बातें व्यापार/प्रदेश/देश-विदेश की
- व्यापार: दाल-दलहन के दाम बढ़ेंगे। सोने-चांदी में प्रारंभिक तेजी फिर सुस्ती और पुन: भावों में उछाल। तेल-शकर के व्यापार में उतार-चढ़ाव किंतु अन्तत: लाभ।
- प्रदेश: मप्र में राजनीतिक हलचलें तो तेज होंगी। मुख्यमंत्री कमलनाथ की कुर्सी सुरक्षित। मंत्रीमंडल में थोड़ा सा बदलाव हो सकता है।
- देश: प्राकृतिक आपदाएं आ सकती हैं। हिंसा की घटनाओं में वृद्धि हो सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रभाव और बढ़ेगा।
- विदेश: अमरीका और रूस तथा चीन और अमरीका के बीच तनाव बढ़ सकता है।

राशियां-प्रभाव-परिणाम
कुंभ, मीन, मेष, कर्क, तुला- उत्तम- धनवृद्धि, यश, मान, जय, सफलता
वृश्चिक, कन्या, सिंह-मध्यम- साख बढ़ेगी, स्वास्थ्य अच्छा
मिथुन, वृषभ - संतोषप्रद - नया पद मिलेगा, स्वास्थ्य कष्ट
धनु, मकर -चिंता- मानसिक अशांति, पारिवारिक कलह, धनहानि योग

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