सतना. प्राकृति की जीवंतता और बोलते प्रोट्रेट ने कलाप्रेमियों को अपनी ओर आकर्षित कर रही थी। हर कोई इनके पास जाकर तस्वीरों में कैद जीवंता को निहार रहा था। बुधवार को एकेएस विश्वविद्यालय के विवेकानंद सभागार कल्पनाओं से आच्छादित हो गया। डिपार्टमेंट ऑफ फाइन आर्ट की आर्ट एंड क्राप्ट एग्जिविशन में लगी कलाकृतियां इंसानों से बात कर रहीं थी। शांति, खुशहाली, उत्साह, उमंग, नवाचार का संदेश दे रही थी। राधाकृष्ण, शंकर, गणेश,बुद्ध और महात्मागांधी के बने प्रोट्रेट कला प्रेमियों को बेहद भाए। मिथला और बिहार की संस्कृति को प्रदर्शित करने वाले मधुबनी पेंटिंगी युवाओं को अपनी ओर अट्रैक्ट कर रही थी।

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।