यहां शिवलिंग की एक परिक्रमा में 108 परिक्रमा का मिलता है फल

By: Manish Kumar Dubey

Published On:
Aug, 13 2019 03:15 PM IST

  • शिवलिंग की एक परिक्रमा में 108 परिक्रमा का मिलता है फल

राहतगढ़.नगर का एक शिव मंदिर जिसकी इसकी विशेषता है कि इसमें एक जलहरी में १०८ शिवलिंग हैं। इस अदभुत और प्राचीन शिवलिंग के दर्शन कर श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूर्ण करते हैं। सावन के महीने में इनके दर्शन करने के लिए काफी भक्त आते हैं। इस मंदिर का निर्माण 18वी शताब्दी में मराठा काल में किया गया था। लेकिन मंदिर में विराजमान शिवलिंग कितना प्राचीन है इसकी जानकारी किसी को नही है। मंदिर बीना नदी के तट पर इसान कोण में बना है जो एक पत्थर पर निर्मित है। बताया जाता है कि भारत में इस प्रकार का मंदिर कहीं नहीं है। इसकी एक परिक्रमा से १०८ परिक्रमा का फल मिलता है।
जैसीनगर. पंच दिवसीय शिवलिंग निर्माण के समापन पर विधि-विधान से पूजन किया और नगर में भगवान शिव की शोभायात्रा निकाली। इस दौरान पं सतीश चौबे ने भोलेनाथ के लिए धतूरहा, बेलपत्र, नारियल, दूध, दही, घी, गंगा जल से अभिषेक करवाया। इस मौके पर ऊं नम: शिवाय महामंत्र और बोलबम की गूंज होती रही। सोमवार को शिवलिंग रुद्री निर्माण की शोभायात्रा सत्य नारायण सोनी के निवास से निकाली गई। इस दौरान ओमप्रकाश, बाल किशन, भगवान दास, हरप्रसाद, राम शंकर, गौरी शंकर, हरिशंकर, शंभू दयाल, प्रभा शंकर आदि उपस्थित रहे।
प्रभु जगदीश की पालकी पहुंची सुभाष वार्ड
देवरी कला. कोष्ठी मोहल्ला के रामनाथ बिल्थरे भगवान जगदीश स्वामी की पालकी यात्रा को लेकर सुभाष वार्ड के कनछेदी लाल चौरसिया के घर पहुंचे जिसका नगर के मुख्य मार्गो पर स्वागत हुआ। पालकी यात्रा में नीरज चौरसिया, माधव चौरसिया, तेजराम चौरसिया, चिंटू रूपेश चौरसिया मौजूद थे।

 

Published On:
Aug, 13 2019 03:15 PM IST

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