बस स्टैंड पर नहीं आंचल कक्ष, बच्चों को फीडिंग कराने महिलाएं होती हैं परेशान, पढ़ें खबर

By: Anuj Hazari

Published On:
Aug, 13 2019 10:00 AM IST

  • सार्वजनिक स्थानों पर नपा ने नहीं बनवाएं आंचल कक्ष

बीना. सार्वजनिक स्थलों पर छोटे बच्चों के साथ आने वाली महिलाओं के लिए बच्चों को फीडिंग कराने में परेशानी हो रही है, लेकिन फिर भी नगरपालिका की ओर से ऐसी जगहों पर आंचल कक्ष नहीं बनवाए जा रहे हैं। जबकि प्राथमिक तौर पर नपा अधिकारियों के लिए इस ओर ध्यान देकर काम कराना चाहिए। शहर के बस स्टैण्ड से रोजाना सैकड़ों महिलाएं अपने बच्चों के साथ सफर करती हैं, लेकिन उन्हें जब बच्चों को फीडिंग करानी होती है तो वह सार्वजनिक स्थलों पर होने के कारण असहज हो जाती हैं, जिस बजह से वह बच्चों को फीडिंग नहीं करा पातीं। इसके बारे में कई बार नगरपालिका अधिकारियों के लिए भी अवगत कराया गया है, लेकिन वह इस ओर रुचि दिखाकर काम नहीं कर रहे हैं। बस स्टैंड पर नियमानुसार महिला प्रतीक्षालय अलग से होना चाहिए, जिसमें आंचल कक्ष भी बनाया जाना था, जिससे महिलाएं आसानी से वहां पर बच्चों को फीडिंग करा सकें।
रेलवे स्टेशन के आंचल कक्ष में डला ताला
रेलवे स्टेशन पर महिला वेटिंग रुम में आंचल कक्ष बनाया गया था, लेकिन वह आंचल कक्ष केवल शोपीश बना हुआ है, यहां हमेशा ही ताला डला रहता है, जिसे देखकर ही महिलाएं वापस चली जाती हैं। रेलवे सूत्रों के अनुसार किसी महिला द्वारा आंचल कक्ष का ताला खोलने का आग्रह किया जाता है तब ही उसका ताला खोला जाता है, लेकिन बहुत कम ही ऐसी महिलाएं होती है जो आंचल कक्ष खोलने के लिए बोलती हैं।
शहर में अन्य जगहों पर भी नहीं व्यवस्था
शहर में अन्य जगहों पर भी नगरपालिका द्वारा आंचल कक्ष नहीं बनाए हैं जबकि अन्य शहरों में नगरपालिका, नगरनिगम द्वारा महिलाओं का ध्यान रखकर आंचल कक्ष बनाए गए हैं।

Published On:
Aug, 13 2019 10:00 AM IST

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