मोदी के फेम इंडिया प्रोजेक्ट में जुड़ेगा रीवा, चलेंगी इलेक्ट्रानिक बसें, जानिए शहर में कैसे मिलेगी सुविधा

By: Mrigendra Singh

Published On:
Aug, 12 2019 09:20 PM IST


  • - पहले चरण में प्रदेश के पांच शहर शामिल होने के बाद दूसरे चरण के लिए रीवा का नाम
    - शुरुआती दौर में 20 बसों की नगर निगम ने बताई है जरूरत

 

रीवा। वाहनों के धुंए से बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए इलेक्ट्रानिक वाहनों पर केन्द्र सरकार का जोर है। इसके तहत फेम इंडिया प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। हाल ही में इसके तहत प्रदेश के पांच शहरों को इलेक्ट्रिकल बसों का आवंटन हुआ है। कहा गया है कि 32 और शहरों को जोड़ा जाएगा। इसमें वह शहर शामिल होंगे, जो अमृत योजना से जुड़े हुए हैं। संभागीय मुख्यालयों को प्राथमिकता में रखा जाएगा।

रीवा के साथ ही सतना को भी जोडऩे की तैयारी है, क्योंकि सतना को स्मार्ट सिटी में शामिल किया गया है। शासन ने फेम इंडिया प्रोजेक्ट के लिए नगर निगम से शहर की रूपरेखा और इलेक्ट्रिकल बसों के रूट और जरूरतों के बारे में जानकारी मांगी थी। जिस पर नगर निगम ने रिपोर्ट तैयार कर भेज दिया है।

गत दिवस फेम प्रोजेक्ट के सेकंड फेज में देश भर के शहरों को वाहन आवंटित किए गए हैं, जिसमें मध्यप्रदेश को 340 इ-बस मिली हैं। इसमें इंदौर, भोपाल को 100-100, ग्वालियर को 40, जबलपुर को 50 एवं उज्जैन को 50 बसें मिली हैं। इससे रीवा की भी उम्मीदें बढ़ गई हैं। तीसरे चरण में यहां के लिए भी बसों के साथ ही अन्य सहायता मिलने की संभावना है। बीते केन्द्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट में भी इलेक्ट्रानिक वाहनों के प्रचार-प्रसार जोर देने की बात कही गई है।
- 80 किलोमीटर के दायरे में चलेंगी बसें
इ-बसों का संचालन रीवा शहर से 80 किलोमीटर की दूरी तक किया जा सकेगा। शहर के भीतर एक स्थान से दूसरे स्थान तक लोगों को पहुंचाने के साथ ही कस्बों और दूसरे जिलों तक भी बसें जाएंगी। जिससे रीवा से सीधी और सतना को भी जोड़ा जाएगा। इसके अलावा जिले के दो प्रमुख बार्डर चाकघाट और हनुमना का भी जोडऩे की तैयारी है। सिरमौर, सेमरिया, गोविंदगढ़, मुकुंदपुर ह्वाइट टाइगर सफारी, रामवन, बदवार सोलर पॉवर प्लांट सहित अन्य कई प्रमुख स्थानों को चिन्हित किया गया है।


- शहर के इन स्थानों की होगी कनेक्टिविटी
शहर के भीतर प्रमुख रूप से अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, वेटरनरी कालेज, इंजीनियरिंग कालेज, आयुर्वेद कालेज, एजी कालेज, टीआरएस कालेज, चोरहटा एवं रतहरा बायपास, सिलपरा, कोठी के रिंग रोड को जोडऩे के साथ ही संजयगांधी अस्पताल, सुपरस्पेशलिटी ब्लाक, जिला अस्पताल बिछिया, रेलवे स्टेशन, चिरहुला हनुमान मंदिर आदि को प्रमुख प्वाइंट मानते हुए रूट तय किया गया है। पहले चरण में नगर निगम ने 20 बसों की जरूरत बताई है।


- प्रोजेक्ट में यह है खास
सरकार की योजना फास्टर एडाप्शन एण्ड मेन्युफेक्चरिंग आफ हाइब्रिड एण्ड इलेक्ट्रिकल-वीकल्स(फेम) के तहत के तहत वर्ष 2022 तक शहरों को पॉल्यूशन मुक्त बनाने की तैयारी है। इसका मकसद कस्टमर को सस्ते दामों पर इलेक्ट्रिकल वाहन उपलब्ध कराना है। जिसके तहत डीजल और पेट्रोल की जगह इलेक्ट्रिकल दोपहिया वाहन, कार, तिपहिया वाहन और हल्के व भारी कामर्शियल वाहनों के लिए इंफ्रास्टक्चर तैयार किया जा रहा है। रीवा में भी वाहनों के लिए चार्जिंग प्वाइंट बनाए जाएंगे। इसके तहत बसें तो सरकार के प्रोजेक्ट के तहत चलाई जाएंगी लेकिन इ-रिक्शा, इ-कार सहित अन्य इलेक्ट्रिकल वाहनों को प्रोत्साहित किया जाना है। कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी कहा है कि महिलाओं के लिए इ-रिक्शा की विशेष व्यवस्था होगी।


- अमृत योजना से होगा अलग
फेम इंडिया का प्रोजेक्ट अमृत योजना से अलग होगा। रीवा शहर में अमृत योजना के तहत 23 बसों के क्लस्टर का टेंडर हुआ है, जिसमें 11 बसें शहर में दौड़ भी रही हैं। यहां कुल 93 बसें चलाई जानी हैं। बताया गया है कि इस प्रोजेक्ट से फेम का प्रोजेक्ट अलग होगा। फेम में केवल इलेक्ट्रिकल वाहनों को शामिल किया जा रहा है।

Published On:
Aug, 12 2019 09:20 PM IST

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।