रीवा. शहर में आवारा घूम रहे मवेशियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इन्हें पकडक़र गौशाला तक पहुंचाने का कार्य नगर निगम द्वारा किया जा रहा था। लेकिन अब लक्ष्मणबाग गौशाला प्रबंधन ने और मवेशी रखने से इंकार कर दिया है। परिसर की क्षमता का हवाला देते हुए कहा कि अब और मवेशी नहीं रख सकते, इसलिए नगर निगम द्वारा अतिरिक्त मवेशी पकडक़र लक्ष्मणबाग नहीं भेजे जाएं। गौशाला प्रबंधन की ओर से नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखा गया है, जिसमें कहा गया है कि उनके यहां जानवर रखने की क्षमता ५०० की है, इसलिए इससे अधिक संख्या में रख पाना मुश्किल है।

इस तरह सीधे तौर पर गौशाला प्रबंधन द्वारा इसके पहले मवेशी नहीं पहुंचाए जाने का पत्र नगर निगम को नहीं लिखा जाता रहा है। गौशाला को नगर निगम द्वारा अनुदान भी दिया जाता रहा है और इसके पहलेे भी मवेशी लेने से उसका प्रबंधन इंकार करता रहा है लेकिन पत्र भेजकर इस तरह से रोक नहीं लगाई गई थी। गौशाला के पत्र पर अब नगर निगम दूसरे विकल्पों पर विचार कर रहा है क्योंकि शहर में अब तक कोई दूसरा कांजी हाउस नहीं बनाया गया है। बताया जा रहा है कि पूर्व में गौशाला आंकड़ों की भी मनमानी करता रहा है, जिस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही थी। अब कुछ महीने से निगम ने यहां की व्यवस्थाओं पर नकेल कसने की तैयारी की है, जिसके चलते मवेशियों को लेना बंद कर दिया है।

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