बंद रहते हैं आंगनबाड़ी केंद्र, धूप में भटकते रहते हैं बच्चे

By: Mahesh Kumar Singh

Published On:
Apr, 17 2019 12:41 PM IST

  • शासन के नियमों को दरकिनार कर काम कर रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सुपरवाइजर नहीं करती हैं आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण


रीवा. जिले के ग्रामीण अंचलों में संचालित अधिकांश आंगनबाड़ी केन्द्र बंद रहते हैं। जिससे केन्द्र पर आकर भटकते रहते हैं, उनको पोषण आहार भी नहीं मिल पाता है। महिला बाल विकास सिरमौर सेक्टर-2 सेमरिया के अंतर्गत संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों पर कार्यकर्ता मनमानी कार्य कर रही हैं। समय पर आंगनबाड़ी केन्द्र नहीं खोले जाते। ग्राम बरा की आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-3 कभी भी नहीं खुलती है। गांव के लोगों द्वारा बताया गया कि बच्चे केंद्र तक आते तो हैं किंतु केंद्र में ताला बंद होने के कारण धूप में लौट जाते हैं। इसी प्रकार अन्य कई आंगनबाड़ी केन्द्रों का भी हाल है।


बच्चों को देते हैं पानी वाली दाल
जिले के आंगनबाड़ी बरा क्रमांक-1 और 2 में भी कही कार्यकर्ता है तो सहायिका नहीं तो कहि बच्चों की संख्या शून्य रहती है। स्थानीय जन बताते हैं कि कार्यकर्ता मनमनी तरीके से केंद्रों का संचालन कर खानापूर्ति करती हैं। सोमवार को ग्राम अकौनी में बच्चों की संख्या शून्य थी एवं सहायिका बिना सूचना केंद्र से लापता रहीं। ग्राम पंचायत चकदही अंतर्गत देवरी में संचालित अनौपचारिक शिक्षा केन्द्र में कार्यकर्ता केंद्र में नहीं आती एवं सहायिका द्वारा केंद्र का संचालन किया जाता है। स्वसहायता समूह द्वारा केंद्रों में गुणवक्ता विहीन भोजन दिया जाता है। जिसमें दाल में केवल पानी ही पानी दिया जाता है। जबकि बच्चे केंद्रों में भोजन मिलने के लालच में घर से भूखे आते हैं।

सुपरवाइजर ने 6 माह से नहीं किया केंद्रों का निरीक्षण
सेमरिया ग्रामीण की प्रभारी सुपरवाइजर द्वारा विगत 6 माह से केंद्रों का निरीक्षण नहीं किया गया। जबकि यह उनका दायित्व बनता है कि समय-समय से केंद्रों का निरीक्षण करे ताकि आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन शासन की मंशानुसार हो सके। ग्रामीणों का कहना है कि केन्द्र बंद होने से बच्चे परेशान होते हैं। मांग की गई है कि या तो केंद्रों का संचालन सुबह से किया जाए या गर्मी में बच्चों की छुट्टी घोषित कर दी जाए ताकि बच्चे परेशान न हो।

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कार्यकर्ताओं की मीटिंग सेमरिया कार्यालय में 12 बजे से रखी गई थी किंतु उन्हें यह निर्देशित किया गया था कि केंद्रों का संचालन बंद न करें। केंद्रों की देखरेख सहायिका करें, किसी भी स्थिति में केंद्र बंद नहीं होने चाहिए। जो भी केंद्र बन्द पाए गए हैं उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
- पूर्णिमा सिंह, परियोजना अधिकारी

Published On:
Apr, 17 2019 12:41 PM IST

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