आगनबाड़ी केन्द्रों में सन्नाटा और दस्तावेजों की जांच में फर्जीवाड़ा, पद से हटाने का निर्देश

By Mrigendra Singh

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15 Feb 2020, 12:46 PM IST

Rewa, Rewa, Madhya Pradesh, India


रीवा। आगनबाड़ी केन्द्रों के संचालन में लगातार मनमानी की मिल रही शिकायतों पर संयुक्त संचालक ऊषा सिंह सोलंकी ने औचक निरीक्षण किया। जिसमें अधिकांश जगह केन्द्र बंद पाए गए। एक जगह कार्यकर्ता अपने मकान पर ही केन्द्र संचालित करती है। स्थानीय लोगों ने जानकारी दी कि केन्द्रों में आए दिन ताला ही बंद रहता है जबकि दस्तावेजों की जांच में दावा किया गया है कि हर दिन बड़ी संख्या में बच्चे उपस्थित होते हैं और उन्हें पोषण आहार मुहैया कराया जाता है।

केन्द्रों की जांच के बाद संयुक्त संचालक ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को पत्र लिखकर संबंधित केन्द्रों की आगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है और सात दिन के भीतर इस पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा है। पत्र में संयुक्त संचालक ने कहा है कि सिरमौर परियोजना-१ के सौर गांव में केन्द्र खुला पाया गया और कार्यकर्ता सिंदूरवती पटेल मौजूद रहीं, सहायिका अमृता शुक्ला अनुपस्थित रही। केन्द्र में एक भी बच्चा मौजूद नहीं था।

यह केन्द्र आगनबाड़ी कार्यकर्ता सिंदूरवती के मकान में संचालित होता है। केन्द्र में कोई बोर्ड भी नहीं लगा था। दस्तावेजों की जांच में पता चला कि यहां पर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। सौर का केन्द्र क्रमांक दो खुला पाया गया और कार्यकर्ता एवं सहायिका मौजूद रहीं। बच्चे महज तीन ही मिले। नास्ता एवं भोजन वितरण की व्यवस्था नहीं मिली। इसी तरह फूल गांव में केन्द्र क्रमांक एक बंद मिला, लोगों ने बताया कि कार्यकर्ता प्रभावती रीवा में रहती हैं। केन्द्र उनके निजी मकान में चलता है, यहां पर कोई बोर्ड नहीं पाया गया।

फूल में ही केन्द्र क्रमांक दो में कार्यकर्ता उर्मिला सिंह अनुपस्थित रहीं। छह बच्चे मिले लेकिन पोषण आहार वितरण नहीं पाया गया। इसी तरह फूल में ही केन्द्र क्रमांक तीन कहां चलता है ग्रामीणों को पता ही नहीं। कार्यकर्ता के रीवा में रहने की जानकारी दी गई। भिरवा केन्द्र में कार्यकर्ता मौजूद रही, एक भी बच्चा केन्द्र में नहीं मिला। ग्रामीणों ने कई शिकायतें दर्ज कराई।


- कार्रवाई के दिए निर्देश
संयुक्त संचालक ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है। जिसमें सौर केन्द्र क्रमांक एक को तत्काल परिवर्तित करने, सहायिका पर कार्रवाई, फूल क्रमांक दो की कार्यकर्ता पर कार्रवाई और केन्द्र परिवर्तन करने, फूल क्रमांक एक एवं तीन की कार्यकर्ताओं को सेवा से पृथक करने का निर्देश दिया है। साथ ही कहा है कि सात दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। केन्द्र परिवर्तन की फोटो भी भेजें।
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इधर जिपं सीइओ के निरीक्षण में भी मिली कमियां, हटाने का नोटिस
जिला पंचायत के सीइओ अर्पित वर्मा ने भी कई पंचायतों का निरीक्षण किया , जिसमें आगनबाड़ी केन्द्रों का संचालन बंद पाए जाने पर हटाने का नोटिस जारी किया है। जनपद पंचायत सिरमौर की ग्राम पंचायत गोदहा आंगनबाड़ी केन्द्र का निरीक्षण किया, जहां एक भी बच्चा नहीं पाया गया तो आगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका को पद से पृथक करने का नोटिस जारी किया है। इसी तरह गोदहा में ही माध्यमिक एवं प्राथमिक शाला के निरीक्षण के दौरान श्रीकांत दुबे हेडमास्टर एवं शशी वर्मा अध्यापक बिना किसी सूचना के विद्यालय में अनुपस्थित पाए गए। दोनों के विरुद्ध निलम्बन की कार्रवाई के निर्देश दिए। अतिथि शिक्षक अर्चना सिंह बिना किसी सूचना के विद्यालय में अनुपस्थित होने पर पद से पृथक करने के निर्देश दिए। मध्यान्ह भोजन वितरण में कमी पर कार्रवाई के निर्देश दिए। ग्राम पंचायत बड़ीहर्रई में मनरेगा के लेबर बजट की उपलब्धि नहीं होने पर जनपद सीइओ और उपयंत्री को कारण बताओं नोटिस देने का निर्देश दिया है। इसी तरह आंगनवाडी केन्द्र बेलहाई में सहायिका सुलोचना साकेत अनुपस्थित पाई गई जिन्हें सेवा से पृथक करने के निर्देश दिए। कुम्हराजुड़वानी प्राथमिक शाला में मात्र 03 बच्चें उपस्थित पाए गए, शिक्षक यादुवेन्द्र सिंह को कारण बताओं सूचना पत्र जारी किया है। अन्य कार्यों पर सचिव से भी जवाब मांगा है।

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