आपकी कुंडली बताती है बन रहे हैं विदेश जाने के योग, कब तक रहेंगे परदेश

Tanvi Sharma

Publish: Jun, 18 2018 05:58:40 PM (IST)

आपकी कुंडली बताती है बन रहे हैं विदेश जाने के योग, कब तक रहेंगे परदेश

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि जातक की जन्म कुंडली में विदेश यात्रा का योग हो तो वह किसी ना किसी कारण से विदेश यात्रा जरूर करता है। फिर भले ही वह घूमने जाए, पढ़ाई के लिए जाए, जॉब करने के उद्देश्य से जाए या हमेशा के लिए वहां व्यवसाय स्थापित कर बस जाए। कारण कुछ भी हो सकता है। वैसे तो आजकल हर किसी को विदेश जाने की चाह होती है, इसका कारण इन देशों की खूबसूरती व अन्य सुविधाएं भारतीयों को विदेशों की ओर आकर्षित करती हैं। आजकल की यंग जेनरेशन में विदेश जाकर पढ़ाई करने और उसके बाद नौकरी या व्यवसाय करकेे वहीं बसने की इच्छा होती है। लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब तक जातक की कुंडली में विदेश यात्रा के योग नहीं होते हैं, कई जतन करने के बाद भी नहीं जा पाता। आइए आपको बताते हैं कुंडली के कौन से योग बताते है आपके विदेश जाने के योग।

ज्योतिषशास्त्रा के अनुसार विदेश यात्रा की स्थिती को जातक की जन्म कुंडली के पाप ग्रहों यानी शनि, राहु, केतु और मंगल से जाना जाता है। यदि कुंडली में चौथे और बारहवें घर या उनके स्वामियों का संबंध यानी उस घर में स्थित राशि के स्वामी से विदेश में स्थायी रूप से रहने का सबसे बड़ा योग बनता है। इस योग के साथ चतुर्थ भाव पर पाप ग्रहों का प्रभाव आवश्यक है। यानी उस घर में कोई भी पाप ग्रह स्थित हो या उसकी दृष्टि हो। लेकिन कुंडली के भावों से जानें आप किस कारण से विदेश जा रहे हैं। मतलब आप नौकरी के लिए, व्यवसाय के लिए, या केवल घूमने के लिए विदेश जा रहे हैं ये आप जान सकते हैं।

 

 

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यदि योग कुंडली में योग ना हो

हो सकता है कि व्यक्ति पहले से ही विदेश में पढ़ाई कर रहा हो, और वहीं से ही उसे नौकरी का ऑफर मिल जाए। लेकिन यदि यह योग नहीं है तो वह कितनी भी कोशिश कर ले उसे नौकरी या व्यवसाय करने के लिए वापस अपने देश आना ही पड़ता है।

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विवाह के बाद विदेश जानें के योग

ज्योतिषियों के अनुसार यदि किसी जातक की जन्म कुंडली के सप्तम और बाहरवें भाव या उनके स्वामियों का परस्पर सम्बन्ध हो, तो जातक विवाह के बाद विदेश जाता है। विवाह के बाद विदेश जाने के भी दो तरीके ज्योतिषियों ने बताए हैं, जैसे कि या तो वह व्यक्ति विदेश में शादी करके या किसी विदेशी मूल के व्यक्ति से शादी करने के बाद वीजा पाकर विदेश में सेटेल हो जाता है।

पढ़ाई के लिए विदेश जाना

यदि जातक की जन्म कुंडली में स्थित पंचम और बाहरवें भाव के साथ उनके स्वामियों का संबंध बनता है तो, वह जातक शिक्षा के लिए विदेश जाने का योग पाता है। लेकिन कितने लंबे समय के लिए, यह कहना कठिन होता है।

नौकरी या व्यवसाय के लिए विदेश जाना

परन्तु यदि जातक की कुंडली के दसवें और बारहवें भाव या उनके स्वामियों का संबंध हो तो व्यक्तिक को विदेश से व्यापार या नौकरी के अवसर प्राप्त होते हैं।

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Web Title "Your kundli says how long you live in foriegn"