सप्ताह भर में नही उग पाई फसल, किसानों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंप की क्षतिपूर्ति की मांग

By: Nakul Ram Sinha

Updated On:
12 Jul 2019, 05:06:06 AM IST

  • एसडीएम ने दिए जांच के आदेश

राजनांदगांव / खैरागढ़. ब्लाक के सलोनी क्षेत्र में सहकारी समिति से लिए गए सोयाबीन बीज की बुआई पर पौधा नही बनने की शिकायत करते ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंप कार्रवाई की मांग की है। गुरूवार को एसडीएम सीपी बघेल के पास पहुंचे सलोनी सहकारी समिति के किसान पुरानिक वर्मा, लोकनाथ वर्मा, बलराम, कुंभकरण वर्मा, बिनेश वर्मा, सनत कुमार सहित अन्य ने ज्ञापन सौंपते कहा कि सहकारी समिति सलोनी से सोयाबीन का प्रमाणित बीज जेएस 9305 की खरीदी करने के बाद उसे खेतों में बोआई किया गया था। सप्ताह भर बाद भी प्रमाणित बीज से पौधें नही उग पाए है। कुछ खेतों मे पौधों की मात्रा दस से पंद्रह फीसदी में ही आकर अटक गया है। जिसके कारण किसान परेशान है, ऐसे में इस बार सोयाबीन की फसल किसान नही ले पाएंगे। किसानों ने एसडीएम को बताया कि सरकारी समिति से बीज क्रय करने के बाद प्रमाणित बीज देने के बाद भी फसल का नुकसान किसानों के लिए हानिकारक है। ऐसे में किसानों को नुकसान से बचाने उक्त प्रमाणित बीज की गुणवत्ता जांच कर दोषियों पर कार्रवाई व किसानों को क्षतिपूर्ति मिलना जरूरी है।

कृषि विभाग को पत्र, जांच कर मांगा जवाब
एसडीएम सीपी बघेल ने सलोनी में प्रमाणित सोयाबीन बीज का बेहतर रिजल्ट नही होने की शिकायत पर कृषि विभाग को पत्र लिखकर अधिकारियों को इसकी जांच कर तीन दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। एसडीएम सीपी बघेल ने बताया कि कृषि विभाग के अधिकारी मामले की जांच करेंगे। सलोनी समिति से कितने गांव के कितने किसानों को उक्त बीज का वितरण किया गया है, सलोनी के अलावा अन्य गांवों में बीज की क्या स्थिति है, इसके बाद इस बीज की गुणवत्ता सहित स्टाक का निरीक्षण भी किया जाएगा। एसडीएम बघेल ने किसानों को आश्वास्त किया जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

किसानों ने ज्ञापन सौंप मांगी क्षतिपूर्ति
एसडीएम को ज्ञापन सौंपने के बाद इसकी जानकारी देते किसानों ने बताया कि सहकारी समिति सलोनी में कृषि विभाग द्वारा प्रमाणित सोयाबीन बीज जेएस 9305 का वितरण किसानों को किया गया है। सप्ताह भर पूर्व इसकी बोआई करने के बाद भी अब तक केवल 10 से 15 फीसदी बीज की उग पाए है। ऐसे में किसानों को दोबारा बीज बोना पड़ रहा है। समिति द्वारा भी विभागीय तौर पर कृषि विभाग के ऊपर मामला डाला जा रहा है। ऐसे में किसानों ने क्षतिपूर्ति की मांग भी की है। बताया गया कि प्रमाणित बीज समिति के माध्यम से अधिकांश किसानों को वितरित किया गया है। इसमें एक क्विंटल से अधिक बीज की खरीदी भी कई किसानों द्वारा की गई है।

Updated On:
12 Jul 2019, 05:06:06 AM IST

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