किसान वंचित, सोसायटी वालों ने खुद के नाम निकाल ली दो गुना बीमा राशि

By: Rajesh Kumar Vishwakarma

Published On:
Aug, 12 2019 06:09 PM IST

  • -सामने आई पीपल्या कुल्मी के हटाए गए सहायक प्रबंधक की एक ओर करतूत, 2017 की धनिये की बीमा राशि में हेर-फेर

राजगढ़। सरकारी बंजर जमीन पर मक्का दर्शाकर फर्जी तरीके से पंजीयन दर्शाने, कूटरचित दस्तावेज बनाने के मामले में हटाए गए पीपल्या कुल्मी सोसायटी के सहायक प्रबंधक की एक और करतूत सामने आई है। उन्होंने अपने सरकारी शिक्षक भाई, मां और पत्नी के नाम पर दर्ज जमीन पर फर्जी तरीके से कागजों में हेर-फेर कर दो गुना बीमा राशि निकाल ली। जिसकी किसी को बू तक आने नहीं दी। खास बात यह है कि जिस संस्था प्रबंधक के अधीन उक्त वक्ति काम करता है उन्होंने भी इसे रोकने की कोशिश नहीं की। नजीता यह निकला की लाखों रुपए की गड़बड़ी कागजों में हेर-फेर करके की गई, अब इस मामले में भी धोखाधड़ी का प्रकरण बनेगा।


भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी पीपल्या कुल्मी
दरअसल, अपनी प्रीमियम राशि खातों से कटवाने के बावजूद जरूरतमंद किसान भले ही बीमा राशि से वंचित रह गए हों लेकिन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी पीपल्या कुल्मी सोसायटी में इससे सालों से जारी कर्मचारियों की चांदी हो गई है। किसानों के हक की बीमा राशि वहीं के कर्मचारियों ने अपने और परिजनों ने नाम खुद बढ़ाकर निकाल ली। करीब 75 हजार रुपए दो बार कर के सहायक प्रबंधक सीताराम दांगी ने निकाले। अब इस मामले में न सिर्फ शासन वसूली करेगा बल्कि विधि अनुसार एफआईआर भी दर्ज करवाएगा।

 


कार्रवाई होना शेष है

उल्लेखनीय है कि हाल ही में उजागर हुई गड़बडिय़ों के बाद पीपल्या कुल्मी सोसायटी जिलेभर में चर्चा में है। जिम्मेदार अधिकारियों के जहन में मामला जा चुका है, अब और कार्रवाई होना शेष है।

 

सीसीबी पहुंची जांच रिपोर्ट, अब एफआईआर होगी
बीते दिनों हुई जांच में दोषी पाए जाने के बाद सहायक प्रबंधक को तत्काल प्रभाव से पद से पृथक कर दिया गया। अब मामले में धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार अधिनियम, कूटरचित दस्तावेज बनाने और शासकीय पद पर रहते हुए पद का दुुरुपयोग करने की विभिन्न धाराओं में अपराधिक प्रकरण दर्ज होना है। इस संबंधी जांच रिपोर्ट सीसीबी को पहुंचा दी गई है। सहकारी समिति के जिला पंजीयक ने बताया कि हमारी ओर से कार्रवाई भी कर दी गई है और अब एफआईआर सीसीबी को करना है।

 

धोखाधड़ी के दायरे में
यदि किसीनों के हक की बीमा राशि किसी ने भी निकाली है तो यह धोखाधड़ी के दायरे में ही आएगा। हम वर्ष-2017 का पूरा रिकॉर्ड निकलवाएंगे। दोषी पाए जाने पर मय ब्याज के राशि वसूलेंगे और नियमानुसार एफआईआर भी दर्ज करवाएंगे।
-व्ही. एस. राजपूत, जिला प्रबंधक, उद्यानिकी, राजगढ़


हमने प्रतिवेदन भेज दिया है
संबंधित सहायक प्रबंधक सीताराम दांगी दोषी पाया गया है। क्रूर आचरण की श्रेणी में इनका कृत्य है। हमारी जांच में गड़बिडय़ां सामने आई है, अभी और जांच होना शेष है जिसमें वसूली के साथ ही एफआईआर होगी। हमने सीसीबी को एफआईआर के लिए लिखा है।
आर. एस. गौर, पंजीयक, सहकारी समितियां, राजगढ़

Published On:
Aug, 12 2019 06:09 PM IST

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