छत्तीसगढ़ में हिंदुत्व के आगे नतमस्तक हो गया है विकास का मुद्दा

By: Deepak Sahu

Updated On: Apr, 20 2019 08:39 PM IST

  • शुक्रवार को हनुमान जयंती मनाई गयी और इस मौके का फायदा दोनों पार्टियों ने जम कर उठाया।दोनों दलों के प्रत्याशी और उनके समर्थकों को हनुमान मंदिरों में देखा गया। जगह-जगह हनुमान चालीसा के पाठ में भी नेता नजर आए।

रायपुर. छत्तीसगढ़ में हमेशा से चुनाव विकास के मुद्दों पर होता आया है ऐसा पहली बार हो रहा है जब यहाँ विकास के मुद्दे की जगह हिंदुत्व को मुद्दा बनाया जा रहा है बाकी मुद्दे काफी पीछे छूट गए हैं। कांग्रेस भले ही विकास की राजनीति की बात कर रही हो लेकिन विधानसभा चुनाव के दुराण राहुल गाँधी ने भी हिंदुत्व कार्ड को भजाने का प्रयास किया था। भाजपा तो हिदुत्व कार्ड की राजनीति शुरू से ही करती आ रही है।

शुक्रवार को हनुमान जयंती मनाई गयी और इस मौके का फायदा दोनों पार्टियों ने जम कर उठाया।दोनों दलों के प्रत्याशी और उनके समर्थकों को हनुमान मंदिरों में देखा गया। जगह-जगह हनुमान चालीसा के पाठ में भी नेता नजर आए।

छत्तीसगढ़ को भगवान राम का ननिहाल कहा जाता है। भगवान राम ने अपने वनवास का लंबा वक्त छत्तीसगढ़ के दंडकारण्य में बिताया था। राम के नाम पर राजनीति यहां किसका वनवास दूर करेगी ये आने वाला वक़्त ही बताएगा। कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में न्याय रथ निकाला तो इसकी शुरूआत दंतेवाड़ा के शक्तिपीठ मां दंतेश्वरी मंदिर से की। इसके बाद दूसरा चरण रायपुर के बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर से और तीसरे चरण की शुरूआत बंजारी धाम में दर्शन करने के बाद की।

छत्तीसगढ के मुख्यमंत्री भूपेश डोंगरगढ़ में मां बमलेश्वरी और रतनपुर में मां महामाया का आशीर्वाद लेने पहुंचे थे। प्रत्याशी और उनके समर्थक टिकट मिलने के बाद, नामांकन दाखिल करने से पहले और प्रचार के दौरान भी मंदिरों के चक्कर लगाते नजर आर रहे हैं. हालांकि 23 मई को चुनाव के बाद ही पता चलेगा की कांग्रेस का वनवास खत्म होगा या राम फिरसे भाजपा के हो जाएंगे।

Published On:
Apr, 20 2019 08:39 PM IST

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